नागदा-मथुरा तीसरी-चौथी रेल लाइन परियोजना को केंद्र की मंजूरी मिल गई है। इससे उज्जैन और कूनो राष्ट्रीय उद्यान तक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। परियोजना से 6 राज्यों में रेल नेटवर्क मजबूत होगा और पर्यटन, लॉजिस्टिक्स व स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति द्वारा नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

उज्जैन और कूनो राष्ट्रीय उद्यान तक बेहतर रेल कनेक्टिविटी

इस परियोजना के पूरा होने से बाबा महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन और कूनो राष्ट्रीय उद्यान जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क और अधिक आसान और तेज होगा। इससे देशभर से आने वाले पर्यटकों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस रेल परियोजना से लॉजिस्टिक्स और टूरिज्म सेक्टर को नई गति मिलेगी। माल परिवहन तेज और सुगम होने से उद्योगों को लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी

5 मई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक कार्य समिति ने ‘पीएम गति शक्ति’ योजना के तहत रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया। करीब 23,437 करोड़ रुपये की तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

6 राज्यों के 19 जिलों में कनेक्टिविटी मजबूत

इन परियोजनाओं के पूरा होने से मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ कम होगी और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी।

हर साल 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव

नई रेल लाइनों के बनने से हर साल लगभग 60 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई की क्षमता विकसित होगी। इससे देश के व्यापार और उद्योग को मजबूती मिलेगी और परिवहन लागत भी कम होगी।

83 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

इस परियोजना से छह राज्यों के करीब 83 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। यात्रा सुविधाओं में सुधार के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक आसान पहुंच

इस परियोजना के तहत उज्जैन (महाकालेश्वर), कूनो राष्ट्रीय उद्यान, रणथंबोर राष्ट्रीय उद्यान, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा, वृंदावन, मंत्रालयम (श्री राघवेंद्र स्वामी मठ), कासापुरम (श्री नेटिकंती अंजनेय स्वामी मंदिर), श्यामनाथ मंदिर और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा।

माल परिवहन में क्रांति लाएगी परियोजना

यह परियोजना कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, लोहा-इस्पात, लौह अयस्क, कंटेनर और उर्वरक जैसे जरूरी सामानों के परिवहन के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।