मध्यप्रदेश में पेट्रोकेमिकल उद्योग को मिलेगी रफ्तार। बीना रिफाइनरी में 50 हजार करोड़ की परियोजना, 22 लाख टन उत्पादन क्षमता और हजारों रोजगार की उम्मीद।

भोपाल। मध्यप्रदेश में पेट्रोकेमिकल और रसायन उद्योग को बढ़ावा देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य को अलग-अलग क्षेत्रों में विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। मुंबई में आयोजित केम इंडिया-2026 के जरिए भी भारत को भविष्य की औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में चुनौतियों को अवसर में बदलना जरूरी है और मध्यप्रदेश इस दिशा में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रसायन, पेट्रोकेमिकल्स, कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के लिए काफी संभावनाएं हैं। राज्य सरकार पेट्रोकेमिकल उद्योग को आगे बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दे रही है। डॉ. यादव ने तीन दिवसीय केम इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश सरकार को साझेदार बनाने के लिए केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा का आभार भी जताया।

Bina Refinery: बीना बनेगा मध्यप्रदेश का नया पेट्रोकेमिकल हब

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सागर जिले का बीना शहर पेट्रोकेमिकल सेक्टर के एक बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है। बीना रिफाइनरी में प्रस्तावित डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल यूनिट राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीना रिफाइनरी में करीब 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल यूनिट का भूमि पूजन किया था। इस परियोजना के तहत यहां हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार करने की क्षमता विकसित होगी।

यह परियोजना सिर्फ बीना या सागर जिले तक सीमित नहीं रहेगी। इससे बुंदेलखंड के औद्योगिक विकास को गति मिलने के साथ ही मध्यप्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऑटोमोबाइल समेत विभिन्न उद्योगों में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले डॉ. यादव ने केम इंडिया-2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पेट्रोकेमिकल और रसायन उद्योग से जुड़े कारोबारियों, उद्योगपतियों और विदेशी प्रतिनिधियों के सामने मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश के अवसरों को रखा।

GIS 2027: मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उद्योगपतियों को न्योता

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेट्रोकेमिकल उद्योग मध्यप्रदेश में कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। साथ ही, उन्हें भोपाल में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) 2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया गया है। डॉ. यादव ने बताया कि गेल इंडिया की बड़ी पाइपलाइन मध्यप्रदेश से होकर गुजरती है। इसके अलावा बीना रिफाइनरी में भी बड़े स्तर पर काम हो रहा है। इन औद्योगिक संसाधनों और परियोजनाओं के आधार पर राज्य में पेट्रोकेमिकल सेक्टर के विस्तार की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, आजादी के बाद पहली बार देश अपने राज्यों की क्षमताओं और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए रोडमैप तैयार कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी इसी सोच के साथ औद्योगिक विकास की रणनीति बनाई है। राज्य में पेट्रोकेमिकल सेक्टर को प्राथमिकता देने का उद्देश्य केवल निवेश बढ़ाना नहीं है। इससे नए उद्योग स्थापित हो सकते हैं, मौजूदा कारोबार का विस्तार हो सकता है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीना रिफाइनरी से भी हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

Petrochemical Industry: मध्यप्रदेश में निवेश की कितनी संभावनाएं?

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के अलग-अलग राज्यों के बीच औद्योगिक विकास को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। इससे राज्यों को व्यापार और कारोबार के नए अवसर मिल रहे हैं। मध्यप्रदेश भी अपनी औद्योगिक क्षमताओं का इस्तेमाल कर निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्लास्टिक उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रायसेन जिले के तामोट में 121 एकड़ और ग्वालियर जिले के बिलौआ में 93 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक प्लास्टिक पार्क तैयार किए गए हैं। इन परियोजनाओं के जरिए प्लास्टिक और उससे जुड़े उद्योगों को जरूरी औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है।

राज्य सरकार का कहना है कि मध्यप्रदेश में पेट्रोकेमिकल और रसायन उद्योगों के विस्तार के लिए पर्याप्त जमीन, पानी, बिजली और मानव संसाधन उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं नए उद्योग स्थापित करने और मौजूदा औद्योगिक इकाइयों का विस्तार करने में मददगार हो सकती हैं। सरकार इन संसाधनों और उपलब्ध अवसरों को ध्यान में रखते हुए पेट्रोकेमिकल तथा रसायन क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। केम इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश की भागीदारी को भी इसी प्रयास का हिस्सा माना जा रहा है। अब राज्य सरकार की कोशिश इन संभावनाओं को वास्तविक निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार के अवसरों में बदलने की है।