भोपाल के शौर्य स्मारक में CM मोहन यादव ने डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया, तिरंगा यात्रा को रवाना किया और विभाजन विभीषिका दिवस पर बड़ा संदेश दिया।
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल स्थित शौर्य स्मारक पहुंचकर भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उन्होंने स्मारक परिसर में तैयार की गई नई डिजिटल लाइब्रेरी का उद्घाटन भी किया। मुख्यमंत्री ने लाइब्रेरी में उपलब्ध स्वतंत्रता संग्राम और देश के गौरवशाली इतिहास से जुड़ी डिजिटल सामग्री का अवलोकन किया तथा वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
भोपाल में निकली विशाल तिरंगा यात्रा, मुख्यमंत्री ने किया रवाना
शौर्य स्मारक तिराहे से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र की विशाल तिरंगा यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा भारत माता चौराहा (डिपो चौराहा) तक पहुंची। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाया जा रहा "हर घर तिरंगा, घर-घर तिरंगा" अभियान आज पूरे देश में राष्ट्रभक्ति और जनभागीदारी का एक बड़ा उत्सव बन चुका है। देश के हर राज्य, शहर और जिले में तिरंगा पूरे सम्मान और गर्व के साथ लहराया जा रहा है।
कांग्रेस पर निशाना, सत्याग्रह को लेकर उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि सत्य को नहीं समझती तो वह सत्याग्रह की बात कैसे कर सकती है। उनके अनुसार झूठ की भी एक सीमा होती है और कांग्रेस को आत्ममंथन तथा आत्ममूल्यांकन करने की आवश्यकता है।
विभाजन विभीषिका दिवस पर बंटवारे की पीड़ा को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज "विभाजन विभीषिका दिवस" भी है। यह दिन देश के इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय को याद करने का अवसर है, जब भारत के विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने कहा कि उस दौर में बड़ी संख्या में लोगों ने भारत और पाकिस्तान की ओर पलायन किया। परिवार बिछड़ गए, लोगों को असहनीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और अनगिनत लोगों ने अपार पीड़ा झेली। उस समय की घटनाओं को याद कर आज भी मन व्यथित हो जाता है।
राष्ट्रीय एकता और अखंड भारत के संकल्प का आह्वान
डॉ. यादव ने कहा कि इतिहास की उस त्रासदी से सीख लेते हुए सभी को एकता, भाईचारे और अखंड राष्ट्रीय भावना को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका दिवस पर उन सभी महान विभूतियों को नमन करना चाहिए जिन्होंने राष्ट्र और समाज के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के बंटवारे जैसी भीषण त्रासदी पिछले एक हजार वर्षों में देखने को नहीं मिली। उनका कहना था कि यदि उस समय कांग्रेस और अंग्रेज चाहते तो विभाजन को टाला जा सकता था।
स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को बताया अतुलनीय
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी के लिए हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने जो बलिदान दिए, उनका कोई मुकाबला नहीं है। उन्हीं के संघर्ष और त्याग की बदौलत भारत स्वतंत्र हुआ। उन्होंने कहा कि देश आज उन महान सेनानियों के प्रति कृतज्ञ है और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 9 अगस्त से 17 अगस्त तक पूरे देश में 80वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में "हर घर तिरंगा अभियान" चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे युवा देशों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र के साथ देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन के बाद तत्कालीन पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय संस्कृति और परंपराओं को मानने वाले लाखों लोगों को अपना सबकुछ छोड़कर भारत आना पड़ा था। इस दौरान उन्हें अनेक कठिनाइयों, संघर्षों और पीड़ाओं का सामना करना पड़ा, जिन्हें आज भी देश स्मरण करता है।


