मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला आया है। जहां एक महिला ने इसलिए सुसाइड कर लिया कि उसका पति उसे बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भागवत कथा सुनने के लिए नहीं ले गया था।

जबलपुर (मध्य प्रदेश). बागेश्वर सरकार यानि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रति भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। उनके दर्शन और कथा सुनने के लिए लाखों की भीड़ पहुंचती है। हर कोई पास से उनकी एक झलक देखना चाता है। इसी बीच मध्य प्रदेश से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। जहां बागेश्वर धाम के प्रति अटूट श्रद्धा एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुई। जब महिला का पति उसे धीरेन्द्र शास्त्री के दरबार में नहीं ले गया तो उसने सुसाइड कर लिया।

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मां की याद में बिलख रहे दो मासूम बच्चे

दरअसल, यह शॉकिंग घटना जबलपुर के अधारताल थाना क्षेत्र के कंचनपुर इलाके की है। जहां पल्लवी नाम की महिला बागेश्वर सरकार के दरबार नहीं जाने पर इतना नाराज हुई कि उसने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी ही खत्म कर ली। पल्लवी के सुसाइड करने के बाद पूरे परिवार में मातम पसर गया है। वहीं मृतका के दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे मां को याद कर बिलख रहे हैं।

बागेश्वर सरकार में महिला की थी अटूट आस्था

महिला के पति संदीप चौधरी ने बताया कि उसके परिवार की आर्थिक हालत ज्यादा ठीक नहीं है। वह जैसे-तैसे अपने परिवार का खर्चा उठा रहा है। पैसों की तंगी दूर करने के लिए मेरी पत्नी बागेश्वर धाम के महंत पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बताए उपाए और पूजा पाठ करने लगी। वो रोजाना नियम से टीवी पर धीरेंद्र शास्त्री की कथा सुनती थी। पंडित जी में उसकी गहरी आस्था थी। लेकिन यह नहीं पता था कि यह आस्था उसकी मौत की वजह भी बन जाएगी।

कथा सुनने की जिद बनी मौत की वजह

बता दें कि जबलपुर के पनागर में धीरेंद्र शास्त्री की भागवत कथा चल रही है। इसी दौरान बीते 27 मार्च को पल्लवी ने अपने पति से जिद की कि उसे धीरेंद्र शास्त्री की भागवत कथा में जाना है। लेकिन पति ने उसकी बात नहीं सुनी और वो अपनी बीमार मां इलाज कराने के लिए अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टर देरी से मिलने के काणर संदीप को ज्यादा समय लग गया। जबकि घर पर उसकी पत्नी कथा में जाने के लिए इंतजार कर रही थी। जब पति घर पहुंचा तो दोनों में विवाद हो गया। जिसके कुछ देर बाद महिला ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली।

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