उज्जैन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के लिए कई विकास कार्यों का शुभारंभ किया और योजना के तहत लाखों परिवारों को मिली सहायता की जानकारी दी।

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सामूहिक विवाह समाज में समरसता और अपनत्व की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि विवाह केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि जीवनभर चलने वाले संस्कारों और मूल्यों की स्थापना है। वे उज्जैन में नगर निगम द्वारा क्षिप्रा तट स्थित कार्तिक मेला मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर बाबा महाकाल और माँ हरसिद्धि के आशीर्वाद से 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।

उज्जैन की पावन धरती पर धार्मिक और सामाजिक संगम (Akshaya Tritiya Ujjain Event)

मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन की यह पवित्र भूमि धर्म और संस्कृति का अद्भुत संगम है। यहां एक ओर बेटियों का कन्यादान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्यों की नींव रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि विवाह जितना सरल और संस्कारित होगा, समाज उतना ही मजबूत और संतुलित बनेगा। उन्होंने यह भी साझा किया कि उन्होंने अपने बेटे का विवाह भी कुछ माह पहले सामूहिक विवाह सम्मेलन में ही कराया था।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना: लाखों परिवारों को राहत (MP Kanya Vivah Yojana)

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बन चुकी है। 13 दिसंबर 2023 से 31 जनवरी 2026 तक प्रदेश में कुल 1,57,769 विवाह और निकाह इस योजना के तहत कराए गए हैं। इसके लिए लगभग 867 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी गई है। उज्जैन जिले में पिछले दो वर्षों में 641 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ, जिसमें 3.52 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई।

सिंहस्थ 2028 के लिए बड़े विकास कार्य (Simhastha 2028 Development Projects)

मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना है। मुख्य कार्य इस प्रकार हैं:

  • हरसिद्धि से रामघाट मार्ग का चौड़ीकरण (₹21 करोड़)
  • महाकाल लोक में श्रद्धालुओं के लिए शेड निर्माण (₹13.30 करोड़)
  • नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन (₹4.55 करोड़)
  • सोलह सागर का विकास (₹1.11 करोड़)
  • कालिदास उद्यान का आधुनिकीकरण (₹1.59 करोड़)
  • विक्रम कीर्ति संग्रहालय और सभागार का उन्नयन (₹8.55 करोड़ + ₹7.73 करोड़)

उज्जैन में एयरपोर्ट और हेलीपैड निर्माण (Ujjain Airport & Helipad)

मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए मुरलीपुरा क्षेत्र में नया हेलीपैड बनाया जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन में नया एयरपोर्ट भी विकसित किया जा रहा है। इन सुविधाओं से आने वाले 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और भीड़ प्रबंधन आसान होगा।

पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा की शुरुआत (PM Shri Heli Tourism Service)

प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा शुरू की गई है। इस सेवा के तहत भोपाल से ओरछा और चंदेरी के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। यह सेवा इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों और जबलपुर, कान्हा, बांधवगढ़ जैसे वाइल्ड लाइफ क्षेत्रों को जोड़ रही है।

हरसिद्धि से रामघाट मार्ग चौड़ीकरण (Ujjain Road Development)

नगर निगम द्वारा 265 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे रामघाट आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा होगी और महाकाल की सवारी मार्ग भी बेहतर बनेगा।

नीलगंगा सरोवर और सोलह सागर का पुनर्जीवन (Lake Rejuvenation Ujjain)

AMRUT 2.0 योजना के तहत:

  • नीलगंगा सरोवर को ₹4.55 करोड़ की लागत से पुनर्जीवित किया जाएगा
  • सोलह सागर को ₹1.11 करोड़ से विकसित किया जाएगा

इन कार्यों से जल गुणवत्ता सुधरेगी और पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा।

कालिदास उद्यान और संग्रहालय का विकास (Kalidas Garden & Museum)

कालिदास उद्यान को ₹1.59 करोड़ की लागत से आधुनिक बनाया जाएगा। वहीं विक्रम कीर्ति संग्रहालय को ₹8.55 करोड़ की लागत से नया रूप दिया जाएगा, जिसमें आधुनिक डिस्प्ले और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण शामिल है।

महाकाल महालोक में श्रद्धालुओं के लिए शेड (Mahakal Lok Facilities)

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महाकाल महालोक में 2500 मीटर लंबे पैदल मार्ग पर शेड बनाए जाएंगे। साथ ही विक्रम कीर्ति मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा और बांगड़ भवन को मुद्रा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा।