'जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस ट्रेन' में 31 जुलाई तड़के अपने सीनियर सहित चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले RPF के जवान चेतन सिंह चौधरी क्या भुलक्कड़ है या ड्रामा कर रहा है, यह बड़ा सवाल बनकर सामने आया है? 

मुंबई. 'जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस ट्रेन' में 31 जुलाई तड़के अपने सीनियर सहित चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने वाले RPF के जवान चेतन सिंह चौधरी क्या भुलक्कड़ है या ड्रामा कर रहा है, यह बड़ा सवाल बनकर सामने आया है? चेतन के वकील ने कहा कि आरोपी को घटना, उसकी गिरफ्तारी या उसकी हिरासत के बारे में कुछ भी याद नहीं है।

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जयपुर-मुंबई ट्रेन फायरिंग हादसा 31 जुलाई, पढ़िए 10 बड़ी बातें

1.रेलवे सुरक्षा बल(RPF) के बर्खास्त कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी पर पिछले महीने एक ट्रेन में अपने सहकर्मी और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। अब 17 अगस्त को उसके वकील ने चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि चेतन कोघटना, अपनी गिरफ्तारी या हिरासत के बारे में कुछ भी याद नहीं है।

2. चेतन के वकील अमित मिश्रा ने मामले पर चर्चा करने के लिए पड़ोसी ठाणे की जेल में अपने मुवक्किल से मुलाकात की थी।

3. चेतन के वकील ने दावा किया कि मुलाकात के दौरान उसने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।

4.एडवोकेट अमित मिश्रा ने कहा कि चेतन चौधरी की मानसिक स्थिति खराब है, जिसके कारण जेल हिरासत में उनकी निगरानी और सुरक्षा करने वाले कर्मचारी भी चिंतित हैं।

5. वकील ने दावा किया कि चौधरी के साथ आए कर्मियों ने कहा है कि उनका व्यवहार बहुत असामान्य है और वह गहरे सदमे में हैं। वह कभी-कभी ही कुछ खाता-पीता है।

6. एक सवाल के जवाब में, आरोपी ने कहा कि वह अपनी जाति के बारे में नहीं जानता है, लेकिन केवल इतना जानता है कि उसका नाम चेतन है और वह हिंदू है।

7.बता दें कि 31 जुलाई को चेतन चौधरी ने कथित तौर पर पालघर स्टेशन के पास जयपुर मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अपने सीनियर टीकाराम मीना और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इनकी पहचान अब्दुल कादर मोहम्मद हुसैन भानपुरावाला, सैय्यद सैफुद्दीन और असगर अब्बास शेख के रूप में हुई थी।

8.चौधरी को कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियार के साथ पकड़ा गया था और उस पर हत्या, अपहरण के साथ-साथ धर्म आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए का आरोप लगाया गया था।

9. RPF के सीनियर डिविजल सिक्योरिटी कमिश्नर द्वारा जारी आदेश के जरिए उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

10. इससे पहले आरोपी चेतनसिंह चौधरी के वकील ने कोर्ट में कहा था कि उसके मुवक्किल ने कुछ भी गलत नहीं किया है। उसने जो कुछ किया, वो सर्विस गन के साथ किया।

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