सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र पुलिस के एक कांस्टेबल का शिकायत पत्र वायरल हुआ है। इसमें तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने की बात कही जा रही है। उसने अफसरों को चेताया है कि अगर उसकी सैलरी जारी नहीं की गई, तो वो कोई बड़ा कदम उठा लेगा

मुंबई. सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र पुलिस के एक कांस्टेबल का शिकायत पत्र वायरल हुआ है। इसमें तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने की बात कही जा रही है। उसने अफसरों को चेताया है कि अगर उसकी सैलरी जारी नहीं की गई, तो वो कोई बड़ा कदम उठा लेगा। कांस्टेबल परेल इलाके की कालाचौकी में पदस्थ है।

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पांच दिन की छुट्टी से जुड़ा है विवाद

कालाचौकी पुलिस थाने से जुड़े पुलिस कांस्टेबल ने वाट्सऐप ग्रुप पर अपनी पीड़ा शेयर करते हुए कहा कि थाने के सीनियर इंस्पेक्टर और एक सब-इंस्पेक्टर (पीएसआई) ने पांच दिन की छुट्टी लेने पर उसकी तीन महीने की सैलरी रोक रखी है। मिड डे की रिपोर्ट के अनुसार, 40 वर्षीय कांस्टेबल ने बताया कि उसने अपने बच्चे की देखभाल के लिए 5 दिन की छुट्टी ली थी। इसके लिए उसने बकायदा आफिसियल सूचना दी थी। लेकिन सीनियर्स को यह मंजूर नहीं था। कांस्टेबल ने पुलिस के लिए बने एक WhatsApp group पर अपनी पीड़ा शेयर करते हुए दावा किया और सैलरी नहीं मिलने कई बिल समय पर नहीं भर पाने ने उसे बहुत परेशान किया है।

उसने लिखा-"मैं एक कांस्टेबल के रूप में कालाचौकी पुलिस स्टेशन से जुड़ा हुआ हूं। तीन महीने पहले, मैंने अपने बेटे की देखभाल के लिए पांच दिन की छुट्टी ली थी, जिसे पैर में दर्द हो रहा था। मैं उसे अस्पताल ले गया था। मैंने छुट्टी लेकर कोई नियम नहीं तोड़ा। मैं एक इमरजेंसी स्थिति में गया था। मैंने विभाग को छुट्टी का फॉर्म जमा किया। मैंने अपने सीनियर्स को भी इस बात की जानकारी दी, लेकिन किसी वजह से उन्होंने मेरी छुट्टी मंजूर नहीं की।"

शिकायत लेटर के बाद जल्द सैलरी देने की बात

कांस्टेबल ने लिखा कि उसके सीनियर सेक्शन कारकुन पीएसआई कांबले ने उसकी छुट्टी मंजूर नहीं की। उसने एडिशनल पुलिस कमिश्नर (मध्य क्षेत्र) के कार्यालय को 'salary KO' (भुगतान रोकने के लिए एक रिमार्क) टिप्पणी के साथ एक पत्र भी भेजा।

कांस्टेबल ने मराठी में लिखे लेटर में कहा-होम लोन और ईएमआई भरनी है। लोन रिकवरी एजेंट उसे परेशान कर रहे हैं। मैं घर कैसे चलाऊं? यह उत्पीड़न है। मैंने पुलिस टीमों को संदेश भिजवा दिया कि जल्द वेतन नहीं मिला तो सख्त कदम उठाऊंगा। अगर मुझे कुछ होता है, तो कलाचौकी पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक आनंद मुले और पीएसआई कांबले जिम्मेदार होंगे।”

कांस्टेबल ने कहा कि वो रोज मध्य क्षेत्र के कार्यालय जा रहा है, लेकिन वहां के कर्मचारियों ने उसे बताया है कि बिना थाने के पत्र के उसका वेतन जारी नहीं किया जा सकता है।

हालांकि पुलिस व्हाट्सएप ग्रुपों पर मैसेज भेजने के बाद सीनियर्स ने वादा किया है कि वे बहुत जल्द उसका वेतन जारी करेंगे। कालाचौकी थाने के सीनियर इंस्पेक्टर मुले ने भी कहा कि उसका वेतन बहुत जल्द आ जाएगा। पुलिस डिप्टी कमिश्नर (जोन चार) डॉ. प्रवीण मुंढे ने कहा कि उन्हें किसी कांस्टेबल की जानकारी नहीं है, जिसका वेतन रोका गया है। वे इस मामले को दिखवाते हैं।

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