महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के ऊपर समस्याओं को लेकर पहुंचे एक समुदाय के सदस्य ने हल्दी पाउडर डाल दिया। मांगे न मानी जाने पर मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों पर काला रंग डालने की भी चेतावनी दे डाली।

मुंबई। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री के साथ आज एक अजीबो गरीब वाकया हो गया। यहां मंत्री के पास अपनी समस्याएं लेकर गए समुदाय के एक व्यक्ति ने उनपर हल्दी पाउडर छिड़क कर विरोध जताया। घटना उस समय हुई जब सोलापुर जिले के सरकारी रेस्ट हाउस में मंत्री आरक्षण की मांग कर रहे एक समुदाय के सदस्यों के साथ बैठक कर रहे थे। आरोपी व्यक्ति ने मांगें न मानने पर सीएम और अन्य मंत्रियों पर कला रंग फेंकने की चेतावनी भी दी।

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मंत्री पर डाला हल्दी पाउडर
घटना के एक वीडियो में धनगर (चरवाहा) समुदाय के दो लोग राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल के दोनों ओर खड़े दिखाई दे रहे हैं। जब वह उनकी ओर से सौंपे गए पत्र को पढ़ रहे थे तभी अचानक उनमें से एक व्यक्ति ने जेब से हल्दी पाउडर निकाला और उनके ऊपर डाल दिया। ॉ

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कार्यकर्ताओं ने की पिटाई
पाटिल के सहयोगियों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया और जमीन पर गिरा दिया। वीडियो वायरल हो गया है जिसमें आरोपी व्यक्ति को मंत्री के सहयोगियों ने लात और घूंसे मारे। इस दौरान आरोपी मराठी में आरक्षण के मुद्दे को लेकर शोर मचा रहा था। 

समस्याओं के खिलाफ ध्यान दिलाने के लिए फेंका हल्दी
आरोपी की पहचान शेखर बंगले के रूप में की गई है। आरोपी ने मीडिया को बताया कि उसने अपने समुदाय के मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए ऐसा किया। उन्होंने धनगर समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के तहत आरक्षण की मांग दोहराई और चेतावनी दी कि अगर मांग जल्द ही पूरी नहीं हुई तो वे मुख्यमंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों पर भी काला रंग फेंक देंगे।

मंत्री ने किया आरोपी को माफ
राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि वह इसे गलत नहीं मानते क्योंकि हल्दी पाउडर का उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है और इसे पवित्र माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है। यह भी कहा कि उन्होंने प्रदर्शनकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। 

कार्यकर्ताओं के व्यक्ति को पीटने के सवाल पर कहा कि उस समय किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ था, इसलिए यह एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से उस व्यक्ति को छोड़ देने के लिए कहा है। महाराष्ट्र में हाल ही में राजनीतिक रूप से प्रभावशाली समूह के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रदान किए गए आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट की ओर से रद्द किए जाने के बाद मराठा समुदाय के सदस्यों ने विरोध जताया है।