भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में क्रांति! मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के साथ, देश में नई हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं की योजनाएं तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। जानिए, किन शहरों को जोड़ा जाएगा। 

मुंबई। भारत अपने हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। वर्तमान में भारतीयों के लिए यात्रा में क्रांति लाने के उद्देश्य से मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम पहले से ही चल रहा है। यह लंबी दूरी के मार्गों पर यात्रा के समय को काफी कम कर देगा और ट्रांसपोर्टेशन के लिए एक बढ़िया विकल्प प्रदान करेगा।

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बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का होगा और विस्तार

एक रिपोर्ट के अनुसार केंद्र सरकार बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को दिल्ली, अमृतसर और अन्य शहरों तक विस्तारित करने की योजना बना रही है। हालांकि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट एकमात्र परियोजना है, जिसे फिलहाल कानूनी रूप से मंजूरी दी गई है।

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देश के कितने रेलवे स्टेशनों को जोड़ेगा ये प्रोजेक्ट?

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में राज्यसभा को बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) परियोजना 508 किलोमीटर तक फैली हुई है। इसे जापान की टेक्नोलॉजी और वित्तीय सहायता के साथ विकसित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट मुंबई, ठाणे, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद और साबरमती सहित 12 प्रमुख स्टेशनों को जोड़ेगा, जिससे प्रमुख शहरों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

अंडर-C सुरंग पर भी शुरू हो गया काम

साथ ही बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब तक 336 किलोमीटर पियर फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है, साथ ही 331 किलोमीटर पियर, 260 किलोमीटर गर्डर कास्ट और 225 किलोमीटर गर्डर लॉन्च किए जा चुके हैं। उल्लेखनीय रूप से भारत की अपनी तरह की पहली 21 किलोमीटर लंबी अंडर-C सुरंग पर भी काम शुरू हो गया है।

आगे कौन से शहर हाई-स्पीड कॉरिडोर प्राप्त करेंगे?

रेल मंत्रालय के अनुसार नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) को नए बुलेट ट्रेन रूट्स के लिए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए कहा गया है।

  • दिल्ली - वाराणसी
  • दिल्ली - अहमदाबाद
  • दिल्ली - अमृतसर
  • मुंबई - नागपुर

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यूपी को भी जोड़ने की है प्लानिंग

दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-हावड़ा मार्गों को उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि स्वीकृति डीपीआर के पूरा होने, वित्तीय व्यवहार्यता और परियोजना के वित्तपोषण पर आगे की योजना निर्भर करती है।

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