डोंबिवली में 15 वर्षीय छात्रा ने पढ़ाई के लिए मां की डांट के बाद आत्महत्या कर ली। मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने के कारण मां ने उसे पढ़ाई करने को कहा था, जिससे दुखी होकर उसने यह कदम उठाया।

मुंबई. नाबालिग बच्चों के सुसाइड करने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब मुंबई के डोंबिवली से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक 15 वर्षीय छात्रा ने खुदकुशी कर ली। नाबालिग की आत्महत्या की वजह यह थी कि उसे मां ने पढ़ाई करने लिए कहा था। बस इसी बात पर दुखी होकर उसने अपनी जिंदगी समाप्त करने का फैसला कर लिया।

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पिता सब्जे बेंचकर बेटी को पढ़ा रहे थे

दरअसल, यह शॉकिंग घटना रविवार शाम की बताई जा रही है। जहां डोंबिवली वेस्ट के उमेशनगर इलाके में एक परिवार रहता था। लड़की अधिकतर समय मोबाइल पर चलाती थी। कई बार टोकने के बाद भी वह नहीं मानती थी। 15 दिसंबर को मां ने मोबाइल बंद करने और पढ़ाई करने के लिए डांट लगाई। मां ने कहा-बेटा पढ़ाई सुबह शाम देखा करो, बाकी का के समय पढ़ो, लेकिन बेटी को यह बात इतनी बुरी लगी की उसने सुसाइड कर लिया।

मां की सही सलाह और बेटी की जिंदगी खत्म

बताया जाता है कि मां की बात से गुस्सा होकर लड़की अपने घर से बिना बताए कहीं चली गई। बेटी के घर से जाने पर परिवार ने सोचा कि वह कहीं अपने दोस्त के पास गई होगी। लेकिन देर रात तक जब वो नहीं लौटी तो उसकी सारे दोस्तों को फोन करके पिता ने पता लगाया। लेकिन सभी का जबाव ना था। इसके बाद पिता विष्णुनगर पुलिस स्टेशन गए और बेटी के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई।

पुल से कूदकर लगाया मौत को गले

पुलिस ने लड़की को काफी तलाशा, लेकिन वह नहीं मिली। इसके बाद आज्ञात नंबर से पुलिस को सूचना मिली कि एक लड़की ने मोठागांव-मानकोली पुल से कूदकर खुदकुशी कर ली है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नाव के जरिए खोजने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मिली। फिर अगले दिन खबर मिली की एक लड़की का शव पुल किनारे पड़ा है। जिसकी बाद में पहचान कर ली गई। बता दें कि छात्रा नौवीं कक्षा में पढ़ती थी। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह जानकारी सामने आई कि उसने लगातार मां द्वारा पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कहने पर यह कदम उठाया है।