मुंबई में पिता को 15 वर्षीय बेटी के यौन उत्पीड़न और गर्भवती करने पर आजीवन कारावास, नासिक में बेटे को पिता हत्या पर उम्रकैद। डीएनए साक्ष्य ने खुलासा किया अपराध, अदालत ने न्यायपूर्ण फैसला सुनाया।

Mumbai Father Jailed For Teen Pregnancy: मुंबई में हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने सबको हिलाकर रख दिया। 53 साल के पिता ने अपनी 15 साल की बेटी को 2018 से 2020 तक बार-बार यौन उत्पीड़न किया और उसे गर्भवती कर दिया। यह मामला स्पेशल पॉक्सो कोर्ट तक पहुंचा और कोर्ट ने दोषी पिता को आजिवन कारावास की सजा सुनाई।

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क्या बेटी ने सच में अपना बयान बदला था?

कोर्ट ने माना कि बेटी पर भावनात्मक दबाव और परिवार का असर था, जिस कारण उसने अपने बयान बदल दिए थे। उसने डर और मानसिक तनाव की बात स्वीकार की। लेकिन DNA जांच ने सबूत साफ कर दिया कि आरोपी उसके जैविक पिता ही थे। जज सबीना ए मलिक ने कहा कि वैज्ञानिक प्रमाण पहले दिए गए बयानों से अधिक महत्व रखते हैं।

क्या यह एक सामान्य मामला है?

यह मामला बेहद दुर्लभ है। रिपोर्ट के अनुसार, 29 और 27 साल के दो अन्य पुरुषों को सहमति से यौन संबंध बनाने और आपराधिक धमकी देने के आरोप में छह महीने की साधारण जेल की सजा दी गई। यह दिखाता है कि न्याय प्रणाली ऐसे मामलों में सावधानी और DNA सबूतों पर भरोसा करती है।

नासिक में भी हुआ बड़ा खुलासा-पिता की हत्या पर उम्रकैद

सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि नासिक में भी एक युवक को अपने पिता की हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा दी गई। 30 वर्षीय दिनेश बरेला ने नवंबर 2021 में पिता से कहासुनी के बाद लकड़ी के लट्ठे से हत्या की थी। कोर्ट ने उसे 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और जुर्माना न देने पर अतिरिक्त एक महीने की जेल का आदेश दिया।

क्या समाज में ऐसे मामले बढ़ रहे हैं?

सोचने वाली बात यह है कि छोटे शहरों और बड़े शहरों में ऐसे क्रूर अपराध क्यों हो रहे हैं। क्या यह केवल परिवारिक तनाव का नतीजा है या बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज और कानून की नजर को और तेज करने की जरूरत है?

क्या कानून पीड़िता को न्याय दिला पा रहा है?

इस मामले में कोर्ट ने पिता को सजा दी और पीड़िता को 5 लाख रुपये मुआवजा भी दिया। यह दर्शाता है कि कानून चाहे जटिल हो, लेकिन अंततः पीड़िता को न्याय दिलाने में सक्षम है।