नागपुर में, 12 साल के बेटे की चोरी की आदत से परेशान माता-पिता उसे ज़ंजीर से बाँध देते थे। सूचना मिलने पर पुलिस ने बच्चे को छुड़ाया और माता-पिता के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। बच्चे को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है।

आजकल बच्चों को समझाना-बुझाना मां-बाप के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है। थोड़ा डांटो तो बच्चे अपनी जान तक दे देते हैं। मारो-पीटो तो पुलिस घर आ जाती है। ऐसे में बच्चों को सबक सिखाना माँ-बाप के लिए मुश्किल हो गया है। यहाँ एक जगह, स्कूल छोड़कर पड़ोसियों के मोबाइल चुराने वाले बेटे को सबक सिखाने के लिए दी गई सज़ा ने अब मां-बाप को ही पुलिस स्टेशन पहुंचा दिया है। आखिर मां-बाप ने ऐसा क्या किया था?

वो लड़का 12 साल का है, पढ़ने के लिए स्कूल भेजा तो स्कूल छोड़कर गलियों में घूमने लगा। हाल ही में, यह भी कम था कि उसने पड़ोसियों के मोबाइल चुराना भी शुरू कर दिया। उसकी इस बुरी आदत की वजह से माँ-बाप को पड़ोसियों की बातें सुननी पड़ती थीं। उसे सुधारने के लिए माँ-बाप ने बहुत समझाया, लेकिन जब वह नहीं सुधरा तो उन्होंने एक कठोर फैसला लिया। वो क्या था?

लोहे की ज़ंजीर से बाँध देते थे माँ-बाप

लड़के के माँ-बाप दोनों दिहाड़ी मजदूर थे। रोज़ काम पर जाएँ तभी घर चलता था। इसलिए, घर पर बैठकर इस शरारती बेटे को सुधारना उनके लिए मुमकिन नहीं था। बेटे को समझा-समझाकर थक चुके माँ-बाप ने आखिर में उसे ज़ंजीर से एक खंभे से बाँध दिया और अपने काम पर चले जाते थे। लेकिन लड़के को देखकर किसी का दिल पसीज गया और उन्होंने पुलिस को जानकारी दे दी। अब पुलिस ने आकर उसे कैद से छुड़ाया है और साथ ही माँ-बाप के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। यह घटना महाराष्ट्र के दक्षिण नागपुर में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, जब जिला बाल विकास अधिकारियों ने घर पर छापा मारा, तो लड़का घर के अंदर ज़ंजीरों से बँधा हुआ मिला और उसके पैरों में ताला लगा हुआ था। ज़ंजीरों की वजह से उसके पैरों में घाव हो गए थे। डर और घबराहट में दिन गुजार रहे उस बच्चे को एक सुरक्षित जगह पर शिफ्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो महीने से माँ-बाप उसे इसी तरह बाँधकर जा रहे थे।

यह भी पढ़ें: दरवाज़ा बंद कर लगाई आग: लिव-इन में रह रहे शादीशुदा जोड़े को ज़िंदा जलाया

माँ-बाप ने कहा है कि उनका 12 साल का बेटा, जो स्कूल छोड़ चुका है, हाल ही में बहुत ज़्यादा शरारत करने लगा था। वह हमारी बात नहीं सुनता था, हाल ही में वह घर से भाग गया था और दूसरों के फोन चुरा रहा था, इसलिए उसकी इस बुरी आदत को सुधारने के लिए वे उसे बाँध देते थे। अब पुलिस ने माँ-बाप के खिलाफ बाल संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। लड़के को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है और उसकी काउंसलिंग की जा रही है, ऐसा पता चला है।

यह भी पढ़ें: भारत को पूरा समर्थन: पाक की धरती से जयशंकर को आया खुला खत

इस घटना के बारे में पुलिस को पहले भी दो बार जानकारी दी गई थी। लेकिन वे कार्रवाई करने में नाकाम रहे। बाद में किसी ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन करके मामले की जानकारी दी। इसके बाद कल्याण समिति ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लड़के को बचाया। यह घटना बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।