महाराष्ट्र में एमवीए गठबंधन में विवाद: शिवसेना (यूबीटी) और सपा नेताओं के बीच कट्टर हिंदुत्व और भाजपा की 'बी टीम' होने के आरोपों पर तीखी बहस। जानें पूरी कहानी।

मुंबई। महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में दरार की खबरें तब और गहरी हो गईं जब समाजवादी पार्टी (सपा) नेता अबू आजमी ने गठबंधन से बाहर निकलने का बयान दिया। इसके जवाब में शिवसेना (यूबीटी) के विधायक आदित्य ठाकरे ने सपा को "भाजपा की B टीम" करार दिया।

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शिवसेना (यूबीटी) के आरोप और जवाब 

शिवसेना यूबीटी के विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में सपा कभी-कभी भाजपा की B टीम की तरह व्यवहार करती है। हमारी टिप्पणी अखिलेश यादव के खिलाफ नहीं है, क्योंकि वह अपने स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं।

कब और क्यों शुरू हुआ विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब शिवसेना (यूबीटी) के नेता मिलिंद नार्वेकर ने 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की एक तस्वीर के साथ एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर की। इस पोस्ट में उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की तस्वीरें भी शामिल थीं, जिसमें बाल ठाकरे के एक कथन को उद्धृत किया गया था कि "मुझे उन लोगों पर गर्व है, जिन्होंने ऐसा किया।"

सपा विधायक अबू आजमी की प्रतिक्रिया 

इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा विधायक अबू आजमी ने सख्त लहजे में लिखा कि अगर एमवीए में कोई कट्टर हिंदुत्व की भाषा बोलता है, तो भाजपा और उनमें क्या अंतर है? हमें उनके साथ क्यों रहना चाहिए? कांग्रेस को यह तय करना होगा कि वह ऐसे गठबंधन में रह सकती है या नहीं।" आजमी ने एमवीए से अलग होने की घोषणा करते हुए कहा कि वह इस मामले पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव से चर्चा कर रहे हैं।

रईस शेख का पलटवार 

सपा विधायक रईस शेख ने आदित्य ठाकरे की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ दो सवाल उठाए हैं। क्या आप कट्टर हिंदुत्व की ओर बढ़ रहे हैं और आपको वोट किसने दिए? आदित्य ने इन सवालों का जवाब देने के बजाय आरोप लगाए हैं, जिसका हम विरोध करते हैं।"

आदित्य ठाकरे ने किया बचाव 

आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनका हिंदुत्व सबको साथ लेकर चलने वाला है। उन्होंने कहा कि हमारे हिंदुत्व के दिल में राम हैं और हाथों में काम है। महाराष्ट्र ने देखा है कि उद्धव ठाकरे ने हमेशा सबको साथ लेकर काम किया है।

क्या टूटेगा गठबंधन? 

एमवीए के भीतर इस तनाव ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अगले कदम पर टिकी हैं। जिससे ऐसी आशंका जताई जा रही है कि महाराष्ट्र में एमवीए गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। जिससे उसके टूटने की भी संभावना जताई जा रही है। 

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