Thane Marathi NonMarathi Row: ठाणे में फोन रिचार्ज को लेकर शुरू हुआ विवाद मराठी बनाम नॉन-मराठी मुद्दे में बदल गया। शिवसेना नेता के दफ्तर में हुए घटनाक्रम का वीडियो वायरल, जिसमें गैर-मराठी युवकों से माफी मंगवाते हुए थप्पड़ मारे गए। जानें पूरी घटना।

Thane Marathi NonMarathi Row: महाराष्ट्र में भाषा विवाद (Language Row) के बीच ठाणे (Thane) में फोन रिचार्ज को लेकर हुई मामूली कहासुनी ने मराठी बनाम नॉन-मराठी (Marathi vs Non-Marathi) मुद्दे को तूल दे दिया है। इस मामले में उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (UBT) के नेता और पूर्व सांसद राजन विचारे (Rajan Vichare) के दफ्तर में जो कुछ हुआ उसका वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।

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मराठी बनाम नॉन-मराठी का कैसे शुरू हुआ विवाद

1 जुलाई को किरन तानाजी सावंत (Kiran Tanaji Sawant) जिनकी उम्र 43 है, ठाणे के एक मोबाइल शॉप पर अपना फोन रिचार्ज कराने पहुंचे। तकनीकी समस्या के चलते रिचार्ज नहीं हो पाया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में वाद-विवाद शुरू हो गया। दुकानदारों के मुताबिक सावंत ने नाराज होकर हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद उनकी दुकानदारों से हाथापाई हो गई और सावंत घायल हो गए।

पुलिस ने क्या कार्रवाई किया?

इस घटना के बाद सावंत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर नोटिस के बाद छोड़ दिया।

शिवसेना नेता के दफ्तर में हुआ ड्रामा

मामला यहीं नहीं रुका। बाद में इसे पूर्व शिवसेना (UBT) सांसद राजन विचारे के कार्यालय ले जाया गया। पूर्व सांसद के ऑफिस के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके सहयोगी दुकानदारों को मराठी में बोलने के लिए बाध्य कर रहे हैं। वह कह रहे कि मराठी में बोल, मराठी को मारा ना? मराठी में बोल। इसके बाद वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी एक-एक करके सावंत के पास जाते हैं, हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं, उनके पैर छूते हैं। इसके बाद सावंत उनको थप्पड़ मारते हैं। आरोपियों को कान पकड़कर कैमरे के सामने अपनी गलती मानने और दोबारा ऐसा न करने की कसम खिलवाई जाती है।

वायरल वीडियो से मचा सियासी बवाल

वीडियो के वायरल होते ही मराठी बनाम नॉन-मराठी विवाद और भड़क गया। एक ओर कुछ नेता कह रहे हैं कि महाराष्ट्र में रहने वालों को मराठी भाषा का सम्मान करना चाहिए, वहीं दूसरी ओर कई नेताओं ने जबरन भाषा थोपने का विरोध किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) से हिंसा रोकने की मांग की है।