राजस्थान में भीषण गर्मी से लोग परेशान हो चुके हैं। हालात यह है कि लोग गश खाकर जमीन पर गिर रहे हैं। ऐसे में मुर्दाघर में भी लाशों को रखने की जगह फुल हो गई है। 

अलवर. राजस्थान में प्री मानसून करीब पचास फीसदी से भी कम पर खत्म हो रहा है। अगले सप्ताह के अंत तक मानसून आने की उम्मीद है। ऐसे में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। कुछ शहरों में तो हालात ऐसे हो गए हैं कि मौतों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। लोग सड़कों पर गश खाकर गिर रहे हैं और फिर उठ नहीं पा रहे हैं। मौतों की संख्या इतनी हो गई है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में शव रखने तक की जगह नहीं बची है।

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दो दिन में 20 लोगों की मौत

दरअसल अलवर में मौतों की संख्या बढ़ी है। दो दिन में ही बीस से ज्यादा लोगों ने दम तोड़ दिया। मंगलवार को करीब 13 लोगों की जान गई थी और उसके बाद बुधवार को करीब सात लोगों की जान चली गई। इनमें से करीब आधे सड़कों पर मरे मिले हैं। अलवर जिला अस्पताल में दो दिन में ही 22 लाशें पहुंची हैं। जबकि वहां पर सिर्फ नौ शवों को मुर्दाघर में रखने के लिए डिप फ्रीज में जगह है।

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रेलवे स्टेशन के पास मिला शव

बुधवार को रेलवे स्टेशन के नजदीक चालीस साल के व्यक्ति का शव मिला। फिर जिला अस्पताल की पार्किंग में चालीस साल के एक व्यक्ति को मृत हालात में उठाया गया। वहीं जेल में बंद 61 साल के बंदी नेमीचंद पेड़ के नीचे अचेत मिला। उसे अस्पताल लाया गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। कटल पेट्रोल पंप के नजदीक एक थड़ी के पास छाया में बैठे एक व्यक्ति का शव मिला है। अलवर के खैरथल अस्पताल में 45 साल के दिव्यांग व्यक्ति धर्मेन्द्र की हीट स्ट्रोक के कारण मौत हो गई। बड़ोदामेव में 80 साल की राजंती देवी की घर में मौत हो गई। चक्कर आने के बाद अस्पताल लाया गया था। मंगलवार को भी इसी तरह से 13 से ज्यादा शव अलग अलग इलाकों से लाए गए हैं। आज भी अलवर में तापमान चालीस डिग्री से कहीं ज्यादा हैं।

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