Ashwini Vishnoi Gold Medal: भीलवाड़ा की बेटी अश्विनी विश्नोई ने Under-17 World Wrestling Championship में सोने का पदक जीत कर राजस्थान की पहली महिला पहलवान के रूप में इतिहास रचा है।  अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 बार गोल्ड मेडल जीतकर अपनी ख्याति बनाई है। 

Under-17 World Wrestling Championship : राजस्थान की धरती ने एक और स्वर्णिम उपलब्धि अपने नाम कर ली है। भीलवाड़ा की बेटी अश्विनी विश्नोई ने अंडर-17 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वे यह खिताब जीतने वाली राजस्थान की पहली महिला पहलवान बन गई हैं। इस उपलब्धि ने न सिर्फ प्रदेश, बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया है। अश्विनी ने फाइनल मुकाबले में उज्बेकिस्तान की मुखायो राखीमजोनोवा को एकतरफा अंदाज में 3-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया और विरोधियों को अंक तक नहीं लेने दिया।

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अश्विनी ने पांचों मुकाबलों में विरोधियों को 0 पर रोका

 65 किलोग्राम वर्ग में खेलते हुए अश्विनी ने पांचों मुकाबलों में विरोधियों को 0 पर रोका। पहले मुकाबले में अल्जीरिया की पहलवान को 10-0 से हराया, फिर हंगरी की खिलाड़ी को 13-0 से पछाड़ा, क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की पहलवान को 10-0 से शिकस्त दी, सेमीफाइनल में रूस की चुनौती को 7-0 से निपटाया और फाइनल में उज्बेक पहलवान को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया।

पिता मुंबई की फैक्ट्री में हैं मजदूर

अश्विनी के पिता मुकेश बिश्नोई एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं, जबकि मां एक गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने अपनी बेटी को हरसंभव सहयोग दिया। अश्विनी ने 2018 में शिव व्यायाम शाला से पहलवानी की शुरुआत की थी और कोच कल्याण विश्नोई की देखरेख में निरंतर मेहनत की। बीते दो वर्षों में अश्विनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 5 गोल्ड मेडल जीतकर खुद को दुनिया के मंच पर साबित किया है।

राजस्थान के बेटियों के लिए प्रेरणा बनींअश्विनी

अश्विनी की यह उपलब्धि ग्रामीण परिवेश से आने वाली तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। भीलवाड़ा में होगा भव्य स्वागत अश्विनी के भीलवाड़ा लौटने पर शहरभर में भव्य स्वागत की तैयारी चल रही है। खेल प्रेमियों, पहलवानों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर है।