Bhajanlal Government Cabinet Meeting :राजस्थान में भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक आज दोपहर 2 बजे होगी। राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल के कयास हैं, लेकिन सरकार का फोकस अभी विधानसभा सत्र और बाढ़ राहत कार्यों पर है। 

Rajasthan Government Cabinet : राजस्थान की सियासत शनिवार को एक बार फिर गर्म होने वाली है। राजधानी जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में आज दोपहर 2 बजे भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक होने जा रही है। बैठक शुरू होने से पहले ही राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर तेज है, क्या मंत्रिमंडल का विस्तार होने वाला है या अभी नहीं?

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

राजस्थान में अभी क्यों नहीं होगा विस्तार? 

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल सरकार का फोकस आगामी विधानसभा सत्र और राज्य में चल रही आपदा प्रबंधन गतिविधियों पर है। प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ और बारिश से हालात गंभीर हैं। ऐसे में नए मंत्रियों को जोड़ना और उन्हें तत्काल सदन की कार्यवाही के लिए तैयार करना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। राजनीतिक रणनीतिकार मानते हैं कि सरकार इस समय जोखिम नहीं लेना चाहती।

राजस्थान में 6 नए मंत्री बन सकते हैं, लेकिन कब? 

वर्तमान में राजस्थान मंत्रिमंडल में 24 सदस्य हैं, जबकि अधिकतम सीमा 30 है। यानी, तकनीकी तौर पर छह नए चेहरों के लिए जगह है। परंतु पार्टी के भीतर मत यह है कि अगर सिर्फ विस्तार हुआ तो मामला आसान रहेगा, लेकिन फेरबदल करने पर क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन साधना मुश्किल हो सकता है।

सोशल मीडिया की लिस्टें और हकीकत

  • सोशल मीडिया पर संभावित मंत्रियों के नाम वायरल हो रहे हैं, लेकिन वरिष्ठ बीजेपी नेताओं ने साफ कर दिया है कि इनमें कोई ठोस आधार नहीं है। पार्टी किसी भी फैसले से पहले संगठन और सांसदों से चर्चा करेगी।
  • पिछले दिनों मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव के दिल्ली दौरों ने अटकलों को हवा दी थी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि दिल्ली दौरा विकास योजनाओं और प्रशासनिक मुद्दों पर था, न कि राजनीतिक नियुक्तियों पर।

फिलहाल राजनीतिक नियुक्तियों पर जोर 

जानकारी यह भी है कि मंत्रिमंडल विस्तार से पहले प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का दौर शुरू हो सकता है, ताकि निकाय और पंचायत चुनावों में संगठन को मजबूती दी जा सके। अब सबकी निगाहें आज की बैठक पर टिकी हैं। क्या यह बैठक सिर्फ औपचारिक एजेंडे तक सीमित रहेगी, या इसके बाद राजस्थान की राजनीति में कोई बड़ा संकेत देखने को मिलेगा?