भीलवाड़ा में भैंसों को बचाने के प्रयास में एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 50 यात्री सवार थे। हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए, लेकिन चमत्कारिक रूप से सभी यात्री सुरक्षित रहे। लोगों का मानना है कि पास के मंदिर के कारण उनकी जान बची।

भीलवाड़ा सड़क हादसा। राजस्थान के भीलवाड़ा (Bhilwara) जिले के बिजोलिया इलाके में बीते शुक्रवार देर रात करीब एक बजे दौरान भैसों को बचाने के चक्कर में बस का दर्दनाक रोड एक्सीडेंट (Bus Accident) का शिकार हो गया। जिसमें बस के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी की हालत ऐसी थी कि एक बार में किसी को भी लगता कि शायद कई लोग मर गए होंगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। बस में करीब 50 लोग सवार थे, जिसमें से सिर्फ दीपक शर्मा नाम के कंडक्टर को चोट आई। उसके हाथ और पैर में फ्रैक्चर है, जिसे इलाज के लिए कोटा भेज दिया गया। इसके अलावा किसी को भी जरा सी भी खरोंच नहीं आई।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

दरअसल, भीलवाड़ा से होते हुए एक बस कोटा की तरफ जा रही थी। जिसमें ज्यादातर लोग गहरी नींद में थीं। बिजौलिया से गुजरने के दौरान अचानक करीब 8 से 10 भैसें डीवाइडर लांघकर बस के सामने आ गई। ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिया लेकिन फिर भी जानवरों से जा टकराई। इसमें 2 की मौत भी हो गई। उसके बाद बस बेकाबू होकर हाइवे के किनारे खड़े एक ट्रेलर में जा घुसी। इससे बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से चकनाचूर हो गया। घटना के बाद आस-पास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

माता रानी के कृपा से बची जान

बिजोलिया पुलिस-प्रशासन को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंची। उन्होंने देखा कि हादसे में किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है तो राहत की सांस ली। इसके बाद बाकी के लोगों को दूसरी बस से कोटा रवाना किया गया। बता दें कि जिस जगह पर एक्सीडेंट हुआ ठीक नजदीक माता जी का मंदिर था। लोगों का मानना है कि उनकी जान माता रानी के कृपा से बची है।

ये भी पढ़ें: 'साहब मुझे ले जाओ मैंने चोरी की', पुलिस ने समझा मजाक, फिर ऐसे खुला राज