राजस्थान में झाड़-फूंक के नाम पर इलाज को लेकर हुई मौतों के लगातार मामले आ रहे हैं। अब एक घटना धौलपुर से सामने आई है। जहां सांप के भाई-बहन के काटने से दोनों की मौत हो गई। परिवार वाले इलाज कराने की बजाए झाड़-फूंक करवाने ले गया।

धौलपुर. राजस्थान भले ही आज विकास के नए आयाम क्यों न स्थापित कर रहा हो। यहां बड़े शहरों की तरह मेडिकल सेक्टर में अलग-अलग मुकाम हासिल क्यों न कर लिए गए हो लेकिन उसके बाद भी राजस्थान में अभी तक इलाज के नाम पर अंधविश्वास जारी है। जो लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो रहा है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के धौलपुर जिले से सामने आया है। जहां केवल अंधविश्वास के चक्कर में एक भाई बहन की जान चली गई।

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आंगन में खेल रहे थे भाई-बहन, तभी आ गया जहरीला कोबरा

दरअसल, धौलपुर जिले के कौलारी इलाके के खरगपुर गांव में गजन सिंह नाम के युवक का 3 साल का बेटा यादव और उसकी बहन गुड्डी जिसकी उम्र करीब 4 साल थी वह अपने घर के आंगन में खेल रहे थे। इसी दौरान अचानक एक जहरीला सांप वहां आ गया जिसने दोनों बहन भाइयों को डस लिया।

सांप डसने पर हॉस्पिटल की बजाए झाड़-फूंक करवाने ले गया परिवार

जब परिवार वालों को इस पूरे मामले का पता चला तो पहले तो परिवार के लोगों ने लाठी से वार करके सांप को मार दिया। लेकिन अपने बच्चों को हॉस्पिटल ले जाने की बजाय घर पर ही रखा और किसी स्थानीय जानकार से झाड़-फूंक करने वाले से उनका इलाज करवाते रहें लेकिन हुआ क्योंकि दोनों बच्चों के शरीर में जहर फैलने लगा और उनके मुंह से झाग निकलना शुरू हो गए। थोड़ी देर बाद ही दोनों बच्चों ने दम तोड़ दिया।

इस एक गलती से हो रही कई लोगों की मौत

राजस्थान में झाड़-फूंक के नाम पर इलाज को लेकर हुई मौत का यह पहला मामला नहीं है इसके पहले राजस्थान के कई आदिवासी इलाकों में ऐसे ही मामले सामने आ चुके हैं। सरकार भी ऐसे इलाकों में चिकित्सा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कोई खास कदम नहीं उठाती है ऐसे में मजबूर होकर लोगों को झाड़-फूंक करने वाले लोगों या फिर झोलाछाप डॉक्टरों के झांसे में आना पड़ता है।

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