राजस्थान में मानसून के बाद टिड्डियों का आना आम बात है, लेकिन इस बार टिड्डियों का रुख ईरान की तरफ होने की संभावना है। टिड्डी नियंत्रण विभाग ने बॉर्डर इलाकों में सर्वे भी करवाया है।

राजस्थान को टिड्डियों से राहत। राजस्थान में हर बार मानसून कमजोर पड़ने के बाद फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान टिड्डियों से होता है। लेकिन इस बार किसानों के लिए राहत की खबर है। क्योंकि इस दफा टिड्डियों का रुख राजस्थान नहीं बल्कि ईरान की तरफ होगा।

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दरअसल, बारिश के बाद जो नमी होती है, वो टिड्डियों के अनुकूल होती है। ऐसे में ये राजस्थान और गुजरात की तरफ आती है। लेकिन इस बार ईरान की दिशा में जाती हुई नजर आ रही है। इसे लेकर टिड्डी नियंत्रण विभाग के द्वारा बॉर्डर इलाकों पर सर्वे भी करवाया गया है।

टिड्डी कुछ मिनट में खेतों के देती है उजाड़

टिड्डी लाखों के समूह में एक बार आती है और कुछ मिनट में खेत में पूरी की पूरी फसल को बर्बाद कर देती है। राजस्थान में पिछले करीब दो-तीन सालों में हजारों हैक्टेयर में फैली फसल इनके द्वारा बर्बाद भी की गई। ये इतनी ज्यादा खतरनाक होती है कि एक हरे भरे पेड़ को इस कदर नष्ट कर देती है कि वो एक सूखी डाली सी नजर आती है।

जानें किन देशों से होकर राजस्थान आती है टिड्डी ?

राजस्थान के नागौर जोधपुर सहित कई जिलों में टिड्डी नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं। मामले पर विभाग के डॉक्टर वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि टिड्डी मोरक्को देश से चलकर इथोपिया, अफगानिस्तान और सिर्फ पाकिस्तान होते हुए भारत की तरफ आती है। लेकिन इस बार इनका रुख पाकिस्तान से ईरान की तरफ हो रहा है। ऐसे में संभावना है कि ये हमारे देश की तरफ नहीं आएगी। ये कीड़ें 200 से ज्यादा बच्चों को जन्म देती है। इनका लाइफ स्पैन केवल 3 महीने होती है लेकिन अगर लाखों की संख्या में आए तो कई फसलों को बर्बाद कर सकती है।

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