राजस्थान के धौलपुर से एक दिलचस्प और रोचक मामला सामने आया है। जहां एक महिला को बंदर मौत के मुंह से जिंदा बचा लाए। अगर सही समय पर बंदर नहीं पहुंचे होते तो उसकी  सांसे टूट जाती। पूरे इलाके में इन बंदरों की चर्चा जोरो पर है।

धौलपुर. राजस्थान में फिलहाल एक पुलिसकर्मी कृष्ण अवतार का नाम हर जुबान पर है। जिसने तालाब में नहाने के लिए गई एक महिला को डूबते वक्त बाहर निकाल लिया। इतना ही नहीं यह पुलिसकर्मी अब तक दर्जन भर लोगों की जान बचा चुका है। दरअसल,धौलपुर जिले की रहने वाली एक 50 साल की महिला इंद्रावली वहां मुकुचंद तालाब में स्नान करने के लिए गई थी। इसी दौरान अचानक किनारे खड़े रहने पर उसका पैर फिसल गया और वह डूबने लगी। जैसे ही महिला के चीखने चिल्लाने की आवाज आई तो पहले तो वहां पास में बैठे खुद सारे बंदर आ गए। जिन्होंने वहां महिला की साड़ी पड़कर उसे बाहर निकालने की कोशिश की और लोगों का इस पूरे मामले की तरफ ध्यान दिलवाने के लिए जोर-जोर से चिल्लाते रहे।

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बंदरों की आवास सुनकर मौके पर पहुंची पुलिस

बंदरों की तेज आवाज सुनकर वहां के पुलिस चौकी प्रभारी कृष्ण अवतार मौके पर पहुंचे। जिन्होंने कई श्रद्धालुओं की मदद से उषा को पानी के बाहर निकाला और फिर के परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। फिलहाल महिला की स्वास्थ्य हालत भी ठीक है।बता दें कि महिला की जान बचाने वाले चौकी प्रभारी कृष्ण अवतार इसके पहले करीब एक दर्जन लोगों की जान इसी तरह से बचा चुके हैं।

बोले-बंदर नहीं होते तो वह आज जिंदा नहीं होती

हालांकि कृष्ण अवतार का कहना भी है कि महिला की जान उन्होंने नहीं बल्कि उन बंदरों की वजह से बचपाई है जिनकी आवाज सुनकर कृष्ण अवतार वहां पहुंच गए। वहीं स्थानीय लोगों ने मांग की है कि तालाब के पास या तो चारदीवारी बनाई जाए या फिर यहां उचित सुरक्षा जाब्ता तैनात किया जाए। क्योंकि तालाब गहरा है। ऐसे में यहां हादसे होने की बात से नहीं कतराया जा सकता है।

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