जयपुर में उत्कर्ष कोचिंग पर आयकर छापे में 4 किलो सोना और करोड़ों का कैश मिला। 20 करोड़ का डिस्काउंट देने के बाद भी अरबों की कमाई पर सवाल। 800 करोड़ की डील की भी जांच जारी।

जयपुर. राजधानी जयपुर में आयकर विभाग की टीम ने उत्कर्ष कोचिंग संस्थान पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान 4 किलो सोना बरामद हुआ है, जिससे यह संदेह गहरा गया है कि संस्थान अवैध धन को स्वर्णाभूषण के रूप में जमा कर रहा था।आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्कर्ष कोचिंग और फिजिक्स वाला के छात्रों को दिए जाने वाले डिस्काउंट पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पिछले चार सालों में संस्थान ने करीब 20 करोड़ रुपये का डिस्काउंट दिया है, उसके बाद भी अरबों रुपए कमाए हैं। 

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प्रयागराज तक हैं इस काली कमाई के कनेक्शन

अधिकारियों का मानना है कि यह डिस्काउंट काले धन को वैध बनाने का एक तरीका हो सकता है। दो दिन पहले शुरू हुई रेड में उत्कर्ष कोचिंग के सभी 19 ठिकानों पर तलाशी ली गई है और कई जगहों पर यह रेड जारी है। जोधपुर में संस्थान के 16, इंदौर, प्रयागराज और जयपुर में एक-एक ठिकाने पर छापेमारी जारी है। आयकर अधिकारियों ने संस्थान के मुख्य कर्ताधर्ता निर्मल गहलोत और उनके परिवार के सदस्यों के आयकर रिटर्न का भी विस्तृत विश्लेषण शुरू कर दिया है। आयकर विभाग के महानिदेशक अन्वेषणए राजस्थान रेनु अमिताभ के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई थी।

जानिए क्यों की गई थी 800 करोड़ की डील

प्रधान आयकर निदेशक अवधेश कुमार के निर्देशन में आयकर विभाग की विभिन्न टीमें छापेमारी में लगी हुई हैं। आयकर अधिकारियों को निर्मल गहलोत और उनके परिजनों के नाम पर कई संपत्ति दस्तावेज मिले हैं, जिनका विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही आठ सौ करोड़ रुपए की एक डील की गई है, उसकी जांच भी चल रही है। उसमें कई करोड़ रुपए तो कैश ही दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।