जयपुर के बायोलॉजिकल पार्क में एक इमोशनल कहानी जिसमें बाघिन रानी के गुस्से के कारण उसके बच्चों को एक डमी बाघ के साथ रखा गया है। बारिश के मौसम में यहां पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है।

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदेश का सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क है, जो नाहरगढ़ की पहाड़ियों के बीच में स्थित है। यहां खुले वातावरण में जंगली जानवरों को बड़े क्षेत्र में रखा जाता है और वहीं लोग उन्हें देखते हैं। पूरे पार्क को एक्सप्लोर करने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मदद ली जाती है, लेकिन पिछले कुछ दिनों यानि बारिश के मौसम में यहां पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई है । इसका मुख्य कारण हैं यहां का डमी बाघ है ।

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मां शेरनी जिंदा...लेकिन दूसरी पाल रही

दरअसल पार्क के एक पिंजरे में इस डमी बाघ को रखा गया है । इस बाघ के आसपास हमेशा दो बच्चे रहते हैं । उनकी कहानी बेहद इमोशनल है। दोनों बच्चों की मां जीवित है और बायोलॉजिकल पार्क में ही है । उसका नाम रानी है । बायोलॉजिकल पार्क में केयरटेकर का कहना है कि बाघिन रानी बेहद गुस्सैल है। कुछ दिन पहले ही उसने तीन बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन कुछ दिन बाद उसने एक बच्चे पर हमला कर दिया । इतना ही नहीं वह बच्चों को फीड भी नहीं करती है ।

बाघिन रानी की महक इस डमी बाघ में रच बस गई

इसलिए यह नया प्रयोग किया गया है। इस डमी बाघ को पहले बाघिन रानी के पिंजरे में रखा गया । जब बाघिन रानी की महक इस डमी बाघ में रच बस गई तो इस डमी को दूसरे पिंजरे में लाकर बंद कर दिया और दोनों बच्चों को इसके साथ छोड़ दिया । बच्चों को केयरटेकर ही फीड कराते हैं । लेकिन अब बच्चे इस डमी बाघिन के साथ खुश है । दोनों की जान बच गई है । केयरटेकर का कहना है कुछ सप्ताह और इन्हें इसी तरह रखा जाएगा।‌ उसके बाद वापस मां के पास भेज दिया जाएगा।‌ जब तक उसका गुस्सा भी शांत हो जाएगा।

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