देश को आजाद हुए भले ही 75 साल हो गए है लेकिन राजस्थान में कुछ कुरीतियां अभी भी व्याप्त है। ऐसा ही एक मामला पिंक सिटी गुलाबी नगर जयपुर से सामने आया है यहां पंचायत ने एक परिवार को ऐसा तुगलकी फरमान दिया है। जिसने उनका समाज में जीना मुश्किल कर दिया है।

जयपुर (jaipur news). भले ही हमारे देश को आजाद हुए 75 साल से भी ज्यादा का समय बीत चुका है बावजूद इसके हमारे देश में आज भी समाज में चल रही कुरीतियां खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसा ही एक मामला राजस्थान के गुलाबी नगरी कहीं जाने वाली राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र से सामने आया है। जहां एक ही समाज के लोगों ने एक परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया और उन पर डेढ़ लाख का जुर्माना भी लगा दिया। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज करवाया है। जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

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पंचायत को बिना बताए दिया तलाक

दरअसल राजधानी जयपुर के चाकसू इलाके के रहने वाले फखरुद्दीन ने पुलिस में शिकायत दी है कि उसके छोटे भाई असलम की शादी साल 2016 में हो गई थी। लेकिन शादी के बाद से ही लगातार दोनों पति-पत्नी के बीच अनबन रहने लगी। ऐसे में दोनों ने साल 2022 में तलाक भी ले लिया। समाज में किसी को इस तलाक के बारे में नहीं बताया गया।

पंचायत ने सुनाया तुगलकी फरमान

लेकिन जब इस बात की भनक समाज के लोगों को मिली तो उन्होंने वहां एक पंचायत बुलाई। इसमें परिवार को कहा गया कि उन्होंने बिना पंचायत की सहमति के ही तलाक ले लिया ऐसे में उन्हें डेढ़ लाख का जुर्माना देना होगा। लेकिन जब यह जुर्माना देने से परिवार ने मना किया तो उन्होंने इस परिवार के लोगों को समाज से ही बहिष्कृत कर दिया। लगातार उन्हें धमकियां दी जा रही है।

गांवों में पंचायतें ही लेती है फैसले

आपको बता दें कि राजस्थान में इस तरह की पंचायतें पिछले लंबे समय से चल रही है। जब कोई पंचायत के विरुद्ध जाता है तो उन पर अलग अलग तरीके के जुर्माने लगा दिए जाते हैं। इसके अलावा उन्हें समाज के कार्यक्रमों और अन्य समारोह में शामिल नहीं होने दिया जाता। कई बार तो गांव में उनका हुक्का पानी भी बंद कर दिया जाता है। जिसका मतलब होता है कि गांव का दुकानदार या अन्य कोई भी शख्स उन्हें कुछ दे नहीं सकता और न ही उनसे कुछ ले सकता है।

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