India vs Pakistan Spy Case: DRDO में घुसा पाकिस्तान का जासूस!" जैसलमेर में DRDO गेस्ट हाउस का मैनेजर महेंद्र सिंह सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ा। उस पर सेना और वैज्ञानिकों की जानकारी पाकिस्तानी एजेंसियों को भेजने का गंभीर आरोप है।

DRDO Spy Arrested: क्या भारत के रक्षा संस्थानों में दुश्मनों की घुसपैठ हो चुकी है? जैसलमेर से जो खबर सामने आई है, वो देश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। DRDO गेस्ट हाउस में बतौर मैनेजर काम कर रहा महेंद्र सिंह नाम का व्यक्ति, दरअसल पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था।

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कौन है महेंद्र सिंह? कैसे बना दुश्मन का एजेंट? 

महेंद्र सिंह, जो जैसलमेर में DRDO गेस्ट हाउस का मैनेजर था, की गतिविधियों पर लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी। पूछताछ में सामने आया कि वह लंबे समय से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को महत्वपूर्ण सूचनाएं भेज रहा था।

DRDO और पोकरण फायरिंग रेंज की संवेदनशील जानकारी लीक 

सूत्रों के मुताबिक, महेंद्र सिंह ने DRDO से जुड़ी कई गोपनीय जानकारियां—जैसे सेना के अभ्यास, वैज्ञानिकों की गतिविधियाँ और पोकरण फायरिंग रेंज की डिटेल्स—सीमा पार भेजीं। उसके मोबाइल और डिजिटल डिवाइसेज़ से डेटा रिकवर किया गया है, जिसमें पाकिस्तान से संपर्क के सबूत मिले हैं।

सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती, कई पर हो सकती है कार्रवाई 

सुरक्षा एजेंसियां अब महेंद्र सिंह के नेटवर्क और अन्य संदिग्ध कर्मचारियों की छानबीन में लगी हैं। यह आशंका जताई जा रही है कि DRDO जैसे संस्थान में अंदरूनी स्तर पर और भी लोग शामिल हो सकते हैं।

क्या देश की डिफेंस स्ट्रक्चर सुरक्षित हैं? 

यह घटना सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की नींव पर खतरे की दस्तक है। DRDO जैसे हाई-सेक्योरिटी संस्थान में एक कर्मचारी द्वारा इस स्तर की जासूसी करना, बताता है कि सिस्टम में कहीं ना कहीं गंभीर खामी है।