Rajasthan Drugs Network Bust :  झालावाड़ पुलिस ने 103 किलो गांजा और एमडीएमए सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी में सेना का जवान भी शामिल है जो तस्करों की मदद कर रहा था। मुख्य सप्लायर फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

Army Personnel Arrest : राजस्थान पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी में लिप्त एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। दो अलग-अलग ऑपरेशनों में पुलिस ने कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का गांजा और सिंथेटिक ड्रग एमडीएमए जब्त किया। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में एक भारतीय सेना का जवान भी शामिल है, जो अपने पहचान पत्र का दुरुपयोग कर तस्करों की मदद कर रहा था। बताया जाता है कि इस पूरे गिरोह का वही मास्टरमाइंड है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

103 किलो गांजा ट्रक में छिपाकर ले जा रहे थे तस्कर 

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान थाना डग पुलिस ने एक ट्रक को रोका, जिसमें लोहे के सरिए भरे हुए थे। गहन जांच में सरियों के नीचे से 103.600 किलो गांजा बरामद हुआ। मौके से ट्रक चालक जहीर खान (35) और उसका साथी विनोद शर्मा (28) निवासी झालरापाटन गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा, पुलिस ने गांजे की खेप को एस्कॉर्ट कर रही एक लग्जरी कार को भी पकड़ा, जिसमें पीरूलाल मालवीय (34) और अनवर उर्फ अन्नू (29) सवार थे। पीरूलाल के पास से भारतीय सेना का आईडी कार्ड मिला, जिसका उपयोग वह पुलिस चेकिंग से बचने और तस्करी की जानकारी देने में करता था।

यह भी पढ़ें-क्या है जयपुर का ऑपरेशन क्लीन स्वीप, 21 साल की लड़की के राज थे चौंकाने वाले

झालरापाटन पुलिस ने ऐसे किया ड्रग्स का खुलासा

  •  मुख्य सप्लायर फरार इसी दिन झालरापाटन पुलिस ने गश्त के दौरान एक बिना नंबर की फोर्ड इको स्पोर्ट कार को रोका। तलाशी में 1.57 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ और कार सवार तीन युवकों—इमरान उर्फ आशु पाया (26), कालू उर्फ शेख शाहरुख (27) और अजहर (28) निवासी रामगंज मंडी कोटा—को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे परमानंद गुर्जर उर्फ पंडा नामक सप्लायर से 100 ग्राम एमडीएमए खरीदने आए थे, जिसके लिए 45,000 रुपये अग्रिम भुगतान किया गया था। पुलिस को देखते ही परमानंद मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
  • इस संयुक्त कार्रवाई में जिला स्पेशल टीम, थाना डग व थाना झालरापाटन पुलिस की अहम भूमिका रही। अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स माफियाओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।