राजस्थान  के झुझुनूं जिले से एक अलग तरह का मामला सामने आया है। जिसे जानकर ऐसा लग रहा है कि एक शिक्षक के रिटायर होने तक के लिए यमराज इंतजार  कर रहे थे। टीचर विदाई पार्टी देकर घर पहुंचे और उन्हें मौत आ गई।  

झुझुनूं न्यूजः राजस्थान के झुझुनूं जिले में रहने वाले शिक्षक की मौत मानों उनके रिटायर होने का ही इंतजार कर रही थीं। जिस दिन वे रिटायर हुए, अपने तमाम सामाजिक और परिवारिक दायित्व निभाने के बाद रात में जब घर पहुंचे तो मौत ने उनका रास्ता रोक लिया। सौ साल पुरान एक मकान शिक्षक पर आ गिरा और मौके पर ही जान चली गई। इस घटना के बारे में जिसे भी पता चला हर कोई हक्का बक्का रह गया। परिवार सदमे में हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है, पांचवी संतान बेटा है जो पढ़ाई कर रहा है।

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गुरुजी को साफा पहनाया, ढोल नगाड़ों से किया हमेशा के लिए विदा

दरअसल झुझुनूं जिले के खेतड़ी इलाके में स्थित शिमला गांव में रहने वाले शिक्षक रामभरोसे सोमवार को रिटायर हो गए थे। सोमवार यानि 31 जुलाई को संस्कृत शिक्षक रामभरोसे को पहले तो शानदार समारोह में स्कूल में विदाई दी गई। बच्चों ने और साथी शिक्षकों ने उनको भावुक कर दिया। उसके बाद गांव के लोगों ने गुरुजी को साफा पहनाया, ढोल नगाड़ों से उनको विदा किया। शाम को परिवार ने पार्टी का आयोजन किया।

100 साल पुराने घर ने ले लिए शिक्षक के प्राण

सुंदरकांड के पाठ किए गए। रिश्तेदार, परिवार और समाज के लोगों के लिए भोजन का आयोजन किया गया। देर रात यह आयोजन चलता रहा। रात करीब ग्यारह बजे नजदीक ही स्थित घर की ओर रामभरोसे और परिवार के लोग जा रहे थे, इस दौरान पड़ोस में स्थित सौ साल पुराना मकान रामभरोसे पर आ गिरा। मलबे में दबने से मौके पर ही शिक्षक के प्राण निकल गए। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना वह दंग रह गया।