राजस्थान की तेजतर्रार और अपनी ही सरकार को आड़े हाथों लेने वाली कांग्रेस पार्टी की ओसिया की MLA दिव्या मदेरणा अब अपने नाम के आगे डॉ. नहीं लगा पाएगी। इसका कारण है कि वे phD की एंट्रेंस एग्जाम क्लीयर नहीं कर पाई है। हाल ही में जारी हुआ एंट्रेंस रिजल्ट।

जोधपुर (jodhpur news). राजस्थान में हमेशा से अपने बयानों और तेजतर्रार नाम से मशहूर और सीएम और अपनी सरकार को ही आड़े हाथों लेने वाली विधायक दिव्या मदेरणा को कौन नहीं जानता होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजस्थान की इस तेज सरदार महिला विधायक की एजुकेशन पर ब्रेक लग गया है। क्योंकि यह पीएचडी करने के लिए एंट्रेंस एग्जाम में पास नहीं हो पाई है। हाल ही में एंट्रेंस एग्जाम का रिजल्ट जारी हुआ है।

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लॉ सब्जेक्ट से पीएचडी के लिए किया था आवेदन

आपको बता दें कि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में लॉ सब्जेक्ट से पीएचडी करने के लिए दिव्या मदेरणा ने आवेदन किया। वहीं उनके साथ करीब 295 सीटों के लिए 1725 कैंडिडेट्स ने आवेदन किया था। लेकिन इनमें दिव्या मदेरणा सफल नहीं हो पाई। ऐसे में अब उनका पीएचडी कर पाना भी संभव नहीं है। वही लॉ स्क्रीन की 7 सीटों के लिए करीब 130 कैंडिडेट्स एग्जाम में बैठे थे। जिसमें दिव्या मदेरणा 200 में से केवल 68 नंबर ही हासिल कर पाई।

ग्रामीण अध्यक्ष के रिजल्ट ने चौंकाया

वहीं कांग्रेस से ही जोधपुर देहात के अध्यक्ष रामनिवास ने इस एग्जाम में अपना डंका बजा दिया है। 200 में से करीब 98 नंबर हासिल करने के बाद रामनिवास आगे के लिए क्वालिफाइड हो चुके हैं। हालांकि इस एग्जाम में केवल दिव्या मदेरणा ही नहीं उनके अलावा जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पीआरओ पत्रकारिता विषय में ही क्वालिफाइड रहे।

आपको बता दें कि पहले जैसा पीएचडी करना बेहद आसान हुआ करता था। वही अब इसके लिए बकायदा एंट्रेंस एग्जाम होता है। पीएचडी करने वाले को जिस सब्जेक्ट में पीएचडी करनी होती है उसके बारे में पूरी जानकारी लेकर 5 किताबें लिखनी होती है। यदि आंकड़ों की बात करें तो राजस्थान में करीब हर साल 5 से 6 हजार लोग पीएचडी में दाखिला लेते हैं।

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