इंदौर की पूजा हुलाले हर महीने खाटूश्याम बाबा के दरबार में 51 निशान चढ़ाती हैं। 17 किलोमीटर का सफर 8-9 घंटे में तय करती हैं। जानिए इस अद्भुत भक्ति की पूरी कहानी।

रींगस (राजस्थान). कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी के मौके पर आज खाटूश्याम का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। लाखों लोग आज मंदिर में दर्शन करने के लिए आएंगे। इस बीच इंदौर की रहने वाली पूजा हुलाले की चर्चा है। पूजा हर महीने खाटू आती है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि यह एक साथ बाबा के 51 निशान उठाती है।

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हर एकादशी पर खाटू श्याम बाबा पर चढ़ाती है निशान

पूजा रींगस से खाटू तक का अपना 17 किलोमीटर का सफर 8 से 9 घंटे में तय कर लेती है। हर एकादशी को यह बाबा के दर पर निशान चढ़ाती है। पूजा बताती है कि साल 2018 में वह पहली बार बाबा के दर्शन करने के लिए अपने दोस्तों के साथ आई। पहली बार तो दर्शन करके चली गई। अगली बार दोस्तों के साथ निशान लेकर रींगस से पैदल खाटू पहुंची। इसके बाद पूजा का खाटू वाले का यह सिलसिला रुका ही नहीं।

दोस्त कहते तुम कलयुग में मीरा नहीं बनो

करीब 5-6 महीने तक पूजा ने केवल एक निशान उठाया। लेकिन इसके बाद वह और ज्यादा निशान उठाने की जिद्द करने लगी। इसलिए उनके दोस्तों ने भी उन्हें कहा कि क्यों कलयुग में मीरा बनने का काम कर रही हो। दोस्तों ने भी उसके साथ आना छोड़ दिया। फिर पूजा ने अकेले ही आना शुरू किया। और फिर 5 से 11,11 से 21 और 21 से 51 निशान एक साथ लाने लगी। पूजा पूरे रास्ते में उसे कहीं भी थकान महसूस नहीं होती।

जानिए कौन हैं खाटू श्याम बाबा

बता दें कि महाभारत में भीम के पुत्र घटोत्कच थे और घटोत्कच के बेटे हुए बर्बरिक जिनको आज पूरी दुनिया खाटू श्याम बाबा के नाम से जानती है। जिन्होंने भगवान श्री कृष्ण की भक्ति के लिए अपना धड़ तन से अलग कर दिया था। आज उनके कटे हुए सिर की पूजा होती है। राजस्थान के रींगस में उनका मंदिर है, उनको कृष्ण भगवान का कलयुगी अवतार माना जाता है। आज मंगलवार यानि देवउठनी एकादशी पर बड़ी धूमधाम से उनका जन्मदिन मनाया जाता है। पूरे भारत देश से इस मौके पर भक्त उनके दर्शन करने आज पहुंचते हैं।

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