राजस्थान के नागौर शहर में एक सरकारी अफसर के द्वारा खुद को आग लगाने में बड़ी खबर सामने आई है। क्योंकि 80 प्रतिशत झुलसने के बाद आज सुबह उसकी मौत हो गई। अब उसके बयान के आधार पर आरोपियों को अरेस्ट करने का प्रयास कर रही है।

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नागौर (nagaur news). राजस्थान के नागौर जिले से हैरान करने वाली खबर है। नागौर के एक सरकारी स्कूल में मैनेजमेंट देखने वाले एएओ अफसर रामसुख ने खुद को आग लगा ली। गुरुवार सवेरे उसने एक लीटर पैट्रोल की बोतल खुद पर खाली कर ली और उसके बाद खुद को आग के हवाले कर लिया। दोपहर तक उसे नागौर जिले से अजमेर जिले में स्थित जेएल एन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आज सवेरे उसने दम तोड़ दिया। अब पुलिस जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। पूरा मामला तबादले से जुड़ा हुआ है।

ट्रांसफर के बाद भी नहीं मिला रिलीव, कई बार हुआ विवाद

दरअसल 55 साल के रामसुख मेघवाला ने गुरुवार को बस्सी इलाके में स्थित सरकारी स्कूल में खुद को आग लगा ली थी। रामसुख का सरकार ने करीब पंद्रह दिन पहले तबादला कर दिया था। लेकिन स्कूल की प्रिंसिपल सीमा चंदेल ने रामसुख को रीलिव नहीं किया। इस कारण दोनो पक्षों में कई बार विवाद हुआ। लेकिन विवाद के बाद भी सीमा चंदेल ने रामसुख को रिलीव नहीं किया।

फांसी लगाने का सोचा पर नहीं मिली जगह, फिर किया ये

अब इसी विवाद के चलते रामसुख ने फांसी लगाने की कोशिश की। लेकिन स्कूल में जगह नहीं मिली। उसके बाद एक लीटर पैट्रोल बोतलर में रामसुख भरकर लाए और खुद को पैट्रोल में भिगो लिया। फिर प्रिसिंपल के कमरे में गए और रिलीव करने की बात कही, लेकिन प्रिसिपल ने रीलिव नहीं किया तो वे उसके ऑफिस से बाहर आए अपने साथी महिला अधिकार को बताया कि आग लगाने जा रहा हूं और बाहर आ खुद को आग लगा ली।

रामसुख ने मरने से पहले जो बयान दिए उस बयान के आधार पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने की तैयारी कर ली है। चारों लोग स्कूल के ही हैं और लंबे समय से रामसुख को प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस अब गिरफ्तार करने के लिए प्रयास कर रही है।

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