राजस्थान सरकार खाद्य सुरक्षा योजना का विस्तार कर रही है। 10 लाख से ज़्यादा लंबित आवेदनों पर कार्यवाही होगी और 50 लाख परिवारों को ई-केवाईसी करानी होगी। अंत्योदय, बीपीएल समेत कई श्रेणियों को लाभ मिलेगा।

जयपुर राजस्थान सरकार ने लाखों जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए खाद्य सुरक्षा योजना का विस्तार करने का निर्णय लिया है। हाल ही में कैबिनेट की बैठक में इस संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने जानकारी दी कि बंद पड़े खाद्य सुरक्षा योजना पोर्टल को फिर से शुरू किया जाएगा। इस पर आगामी विधानसभा सत्र से पहले मुहर लगने की उम्मीद है।

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10 लाख आवेदन लंबित, 50 लाख परिवारों को ई-केवाईसी की जरूरत

राजस्थान में फिलहाल 10 लाख से अधिक आवेदन लंबित हैं, जो पोर्टल दोबारा खुलने से प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा, 50 लाख से ज्यादा परिवार ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं करवाई है। इनका खाता फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन उन्हें 31 मार्च तक ई-केवाईसी पूरी करने का समय दिया गया है। जो परिवार पहले आवेदन कर चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार उनकी पात्रता जांचकर योजना के तहत लाभ प्रदान करेगी।

राजस्थान में किन्हें मिलेगा योजना का लाभ

खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अंत्योदय, बीपीएल, और अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थी परिवारों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, विधवा, वृद्धजन, विशेष योग्यजन, एकल नारी, सीमांत-भूमिहीन किसान, एड्स, सिलिकोसिस, कुष्ठ रोग पीड़ित, ट्रांसजेंडर, निसंतान वृद्ध दंपत्ति, और डायन प्रथा से पीड़ित महिलाएं भी इस योजना के लाभार्थी होंगी।

जानिए क्या है सरकार इस योजना के पीछे का उद्देशय

प्रदेश सरकार ने गिवअप अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत लोग स्वेच्छा से इस योजना का लाभ छोड़ रहे हैं। हर दिन औसतन 25-30 हजार लोग योजना छोड़ रहे हैं। अब तक यह संख्या 7 लाख से अधिक हो चुकी है। गिवअप अभियान के माध्यम से 4-5 लाख नए लोगों को योजना में जोड़ने की संभावना है।

योजना का कोटा और सरकार की प्राथमिकता राजस्थान में जनसंख्या अनुपात के आधार पर अधिकतम 4.46 करोड़ लोगों को योजना में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में 4.36 करोड़ लोग लाभार्थी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना से वंचित परिवारों को जल्द से जल्द जोड़ा जाए।

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