Rajasthan Petrol Pump strike राजस्थान में संडे को पेट्रोल और डीजल टैंक के मालिकों ने स्ट्राइक शुरू कर दी है। यानि रविवार और सोमवार को प्रदेश के करीब-करीब सभी टैंक बंद रहेंगे। यह स्ट्राइक राजस्थान के करोड़ों लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

जयपुर. राजस्थान के करोड़ों लोगों के लिए संडे का दिन परेशानी वाला साबित हो सकता है। क्योंकि प्रदेश के तमाम पेट्रोल पंप मालिकों ने 10 मार्च को सुबह 6 बजे से हड़ताल शुरू कर दी है। यानि दो दिन रविवार और सोमवार तक प्रदेश के सभी टैंक बंद रहेंगे। पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के लोगों का कहना है कि अगर सरकार ने हमारी मांगे पूरी नहीं की तो हड़ताल का समय और बढ़ सकता है।

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क्या है राजस्थान के पेट्रोल डीजल संगठन की मांग

राजस्थान पेट्रोल डीजल संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भाटी का कहना है अगर सरकार पेट्रोल और डीजल पर कमीशन नहीं बढ़ाती है तो पेट्रोल और डीजल स्टेशन बंद कई दिनों तक बंद रहेंगे। पंप मालिकों का कहना है इस बार आश्वासन से काम नहीं चलेगा । सरकार काफी समय से वेट कटौती की बात कर रही है। लेकिन ना तो वैठ कम किया जा रहा है और ना ही पेट्रोल डीजल पर कमीशन पर बढ़ाया जा रहा है। 7 साल में पेट्रोल डीजल की कीमतें काफी कम हो चुकी है ,वर्तमान में भी कीमतें काफी कम है।

राजस्थान में करीब 5800 से ज्यादा पेट्रोल डीजल स्टेशन

भाटी ने कहा राजस्थान में पूरे देश के किसी भी राज्य से सबसे महंगा पेट्रोल और डीजल है। पंप मालिक घाटे पर काम कर रहे हैं, इसी आस में की जल्द ही मुनाफा होना शुरू होगा। राजस्थान में करीब 5800 से ज्यादा पेट्रोल डीजल स्टेशन है , जिनमें 4000 से भी ज्यादा पेट्रोल डीजल स्टेशन बंद रहने वाले है। राजस्थान में पेट्रोल 113 रुपए लीटर से भी ज्यादा है और डीजल 98 रुपए लीटर से भी ज्यादा है । भाटी ने कहा पिछले साल तक जब गहलोत सरकार थी तो हम विरोध करते.... उसके साथ भाजपा नेता भी वेट कम करने की मांग करते थे। लेकिन अब सरकार बदल गई है। भाजपा की सरकार आ गई है, उसके बावजूद भी हमें परेशानी हो रही है।

गहलोत से भजनलाल सरकार तक जारी है हड़ताल

बता दें कि राजस्थान के हजारों पेट्रोल डीजल पंप मालिक पिछले 7 साल से सरकार से पेट्रोल डीजल पर कमीशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। 7 साल में कई बार स्ट्राइक की गई है और सरकार ने जल्द ही एक्शन लेने का वादा करके यह स्ट्राइक खत्म भी करवा दी है। गहलोत सरकार में भी करीब 6 से 7 बार पेट्रोल डीजल संचालकों ने स्ट्राइक की थी। अब भजनलाल सरकार के आने के बाद यह स्ट्राइक एक बार फिर से शुरू हो रही है।