rana sanga controversy : राणा सांगा पर सपा सांसद के विवादित बयान से राजस्थान में सियासी घमासान शुरू हो गया है। बीजेपी ने माफी की मांग की, वहीं राज्य के सीएम और डिप्टी सीएम ने मुहं तोड़ जबाव दिया है।

जयपुर, देश में ऐतिहासिक महापुरुषों पर बयानबाजी का दौर जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद रामजी लाल सुमन (MP Ramji Lal Suman) द्वारा मेवाड़ के वीर योद्धा राणा सांगा (rana sanga controversy) को लेकर दिए गए विवादित बयान ने राजनीतिक हलकों में नया विवाद खड़ा कर दिया है। सांसद के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav)से माफी की मांग की है।

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राजस्थान के मुख्यमंत्री ने की माफी की मांग 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सपा सांसद के बयान को "अपमानजनक और निम्नस्तरीय" करार दिया है। उन्होंने कहा, "राणा सांगा, जिन्होंने अपने शरीर पर 80 से अधिक घाव सहकर भी मुगलों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उन्हें गद्दार कहना सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश का अपमान है। विपक्ष के नेता वोट बैंक की राजनीति के लिए हमारे इतिहास पुरुषों का अपमान कर रहे हैं।" सीएम ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से इस बयान पर माफी मांगने और सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

डिप्टी सीएम दिया कुमारी ने बताया 'शौर्य का अपमान' 

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "राणा सांगा का शौर्य राजस्थान के कण-कण में बसता है। उनका बलिदान हमारी संस्कृति और इतिहास का गौरव है। सपा सांसद का यह बयान सिर्फ राजस्थान नहीं, बल्कि देश के शौर्य और बलिदान का भी अपमान है। उन्हें अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।"

राजनीतिक घमासान तेज

 बीजेपी ने सख्त कार्रवाई की मांग की पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि रामजी लाल सुमन द्वारा हिंदू साम्राज्य की रक्षा करने वाले महान योद्धा का अपमान करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सपा सांसद के बयान को "इतिहास का अपमान" बताते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

अभी तक सपा का कोई आधिकारिक बयान नहीं

 इस पूरे विवाद पर अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। ना ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कोई बयान दिया है। विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सपा इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।