राजस्थान के एक RAS अफसर की नौकरी पर संकट आ गया है। वह 50 दिन की छुट्टी पर गए थे, इसी दौरान उनके विभाग में एक गड़बड़ी हो गई। अब सीनियर लेडी आईएएस ने उनको नोटिस भेज जवाब मांगा है। 

जयपुर. राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड (RMSCL) एक बार फिर प्रशासनिक विवादों के केंद्र में आ गया है। कॉरपोरेशन की एमडी नेहा गिरी (IAS) ने OSD विभु कौशिक (RAS) को चार्जशीट थमाते हुए 15 दिन में जवाब तलब किया है। इसके साथ ही कार्मिक विभाग को उनके निलंबन की सिफारिश भी भेज दी गई है। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

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'50 दिन की मेडिकल लीव पर चले गए साहब…

विभु कौशिक पर आरोप है कि उन्होंने दवाइयों की खरीद प्रक्रिया में देरी की, जिससे कई अस्पतालों में दवाओं की किल्लत खड़ी हो गई। इसके साथ ही वे 50 दिनों की मेडिकल लीव पर चले गए, जिससे हालात और बिगड़ गए। एमडी ने उनसे बीमारी से संबंधित दस्तावेज भी मांगे, लेकिन अब तक कोई प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। विभाग की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अगर प्रमाणपत्र नहीं आया तो छुट्टियां रद्द मानी जा सकती हैं।

अब अफसर से 6 बिंदुओं पर जवाब मांगा…

  • चार्जशीट में कुल 6 बिंदुओं पर जवाब मांगा गया है। हालांकि, RAS अफसरों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से पहले संबंधित मंत्री की मंजूरी जरूरी होती है। ऐसे में बिना मंजूरी सीधे चार्जशीट जारी करना नियमों के खिलाफ बताया जा रहा है।
  • इस पूरे घटनाक्रम ने RMSCL के भीतर प्रशासनिक संघर्ष को एक बार फिर उजागर कर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी एमडी नेहा गिरी और स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री ए. राठौड़ के बीच बैठक के दौरान टकराव हो चुका है। उसके बाद से एमडी ने उच्च स्तरीय बैठकों में शामिल होना भी बंद कर दिया था।
  • फिलहाल सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि कार्मिक विभाग OSD विभु कौशिक के खिलाफ क्या निर्णय लेता है और यह विवाद आगे क्या रूप लेता है।