राजस्थान के अलवर शहर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार का 33 साल पहले मृत समझा गया मुखिया अचानक से लौट आया। घरवालों ने कुछ महीने पहले ही डेथ सर्टिफिकेट बनवाया था। शख्स के लौटने के बाद परिवार ने पूरे गांव को दावत देने की तैयारी।

अलवर (alwar news). राजस्थान का मामला बेहद रोचक है। सरकारी सिस्टम का खराब हाल मानें इसे या फिर कोई चमत्कार। दरअसल परिवार ने 33 साल पहले गायब हुए अपने परिवार के मुखिया की तेरहवीं कर दी, सभी ने उसे मरा मान लिया और अपना अपना जीवन जीने लगे। वह शख्स अचानक से वापस लौट आया तो अब गांव में जश्न का माहौल है। लोगों और मिलने वाले रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। संपत्ति विवाद के चलते परिवार ने पिछले साल ही डेथ सर्टिफिकेट बनवाया था और अब शख्स जिंदा और सही सलामत वापस लौट आया। मामला बेहद हैरानी भरा है। अब परिवार जश्न की तैयारी कर रहा है।

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33 साल पहले गायब हुआ था राजस्थान का रहने वाला शख्स

दरअसल राजस्थान के अलवर जिले के बानसूर इलाके में रहने वाले हनुमान सैनी साल 1989 में अचानक गायब हो गए थे। परिवार के सदस्य बानूसर में रहते थे और हनुमान सैनी दिल्ली में एक दुकान पर काम करते थे। एक दिन सवेरे वे दुकान नहीं आए। उसके बाद यही सिलसिला चला। दुकान से परिवार को सूचना मिली तो परिवार ने तलाश की। पुलिस की मदद ली, लेकिन सब कुछ व्यर्थ निकला। परिवार के मुखिया के लापता हो जाने पर और 32 साल तक वापस नहीं लौटने पर हनुमान के बेटों ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। बड़े बेटे रामचंद ने बताया कि पिछले साल ही पिताजी का डेथ सर्टिफिकेट बना है। इससे ज्यादा खुशी क्या हो सकती है कि वे वापस लौट आए हैं। हनुमान सैनी के पांच बेटा बेटी हैं। सभी उनसे मिलने के लिए घर आए हुए हैं और अब परिवार जश्न की तैयारी कर रहा है।

अलवर के हनुमान ने बताई गायब होने की हैरान करने वाली वजह

हनुमान सैनी ने बताया कि वे साल 1989 में दिल्ली से अचानक एक ट्रेन में बैठे थे। उसके बाद पठानकोट उतरे। वहां से हिमाचल चले गए। उसके बाद माता कांगड़ा देवी के प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन किए और वहीं पर साधना करने लगे। गांव वालों और मंदिर के बीच में रहकर मंदिर में पूजा पाठ करने लगे। इस बीच कोलकाता भी जाना हुआ वहां काली माता का आर्शिवाद लिया और फिर वापस कांगडा देवी की शरण में चले गए। अब कांगड़ा देवी ने वापस गृहस्थ जीवन में भेज दिया है। परिवार अपने मुखिया को पाकर खुश है। पूरे गांव को दावत देने की तैयारी चल रही है।

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