राजस्थान के बिशनगढ़ थाने के लिए बजट और ज़मीन दोनों हैं, फिर भी 3 साल से बिल्डिंग नहीं बन पा रही। पुलिस विभाग बार-बार निविदा निकाल रहा है, लेकिन कोई काम करने को तैयार नहीं। आखिर क्या है वजह?

जालौर. आमतौर पर हम देखते हैं कि बजट के अभाव में पुलिस थाने जर्जर हालत में होते हैं। ऐसे में इनके रिनोवेशन और नए भवन के निर्माण के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। लेकिन राजस्थान में एक थाना ऐसा भी है जहां पर नई बिल्डिंग के लिए बजट भी आ चुका है। बकायदा पूरा पुलिस महकमा चाहता है कि जल्द से जल्द पुलिस थाने का रिनोवेशन हो, लेकिन यहां कोई काम करने के लिए तैयार ही नहीं है। ऐसे में छोटी जगह पुलिस थाने का संचालन किया जा रहा है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

बात है जलौर जिले में स्थित बिशनगढ़ पुलिस थाने की

हम बात कर रहे हैं राजस्थान के जालौर जिले में स्थित बिशनगढ़ पुलिस थाने की। पिछली कांग्रेस सरकार के द्वारा इस थाने को स्वीकृत किया गया था। इसके बाद छोटी जगह में इसका संचालन शुरू किया गया। इसके बाद नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए 1.24 हेक्टेयर जमीन दे दी गई। थाने के भवन के अलावा स्टाफ के क्वार्टर भी बनने थे। 2 साल पहले इस काम के लिए दो करोड़ 43 लाख 89 हजार रुपए का बजट भी मिल चुका है।

2 साल से पुलिस ही नहीं करा पा रही अपना काम…

बजट जारी होने के बाद से लेकर अब तक पिछले करीब 2 साल में डिपार्टमेंट के द्वारा नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए करीब छह बार निविदा आमंत्रित की गई। हाल ही में 27 मार्च को भी इसकी निविदा आमंत्रित की गई। लेकिन कोई भी काम करने को तैयार नहीं हुआ। अब आगामी दिनों में एक बार फिर से निविदा आमंत्रित की जाएगी। फिर देखना होगा कि आखिर कोई काम करने को तैयार होता है या नहीं।

राजस्थान के स्पेशल एडीजी के कहने के बाद भी नहीं हुआ काम

बता दें कि हाल ही में राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के एडीजी वीके सिंह जालोर दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने कोतवाली परिषद में सीएलजी सदस्यों की बैठक ली थी। इस दौरान एक एडवोकेट तेजसिंह ने बिशनगढ़ थाने का जिक्र किया था कि थाना लंबे समय से छोटे भवन में चल रहा है। जब इस बारे में वीके सिंह ने पुलिस अधीक्षक ज्ञानचंद यादव से पूछा तो उन्होंने पूरा मामला बताया। इसके बाद वीके सिंह के द्वारा निर्देशित किया गया कि जल्द से जल्द निविदा आमंत्रित करके काम शुरू करवाया जाए।