राजस्थान में हुई बेमौसम बारिश ने राजस्थान में तबाही मचाकर रख दी है। ओले और बिजली गिरने से अब तक सात की मौत, वहीं प्रदेश के किसानों को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। गेहू और सरसों की कई हैक्टेयर फसलें बर्बाद हुई हैं। 

जयपुर. राजस्थान में इस बार साल की शुरुआत से ही मौसम के कई रंग देखने को मिले है। कल से शुरु हुइ बे मौसम बारिश ने तो एक दिन में ही इतनी तबाही मचा दी कि कई मौतें हो गई। कुछ घंटों में ही सात लोगों की जान बिजली और ओले गिरने से हो गई। इसके अलावा पचास मवेशियों ने भी जान गवां दी। राजस्थान के बीस से ज्यादा जिलों में आज भी बारिश और ओले गिरने का अलर्ट है। पिछले 24 घंटे की तो राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश शुरू चूरू में रिकॉर्ड की गई है। दरअसल राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में यह बदलाव आया है। ईरान क्षेत्र में सक्रिय हुए विक्षोभ का असर अब राजस्थान की तरफ रख कर रहा है। इसका असर रविवान तीन मार्च तक देखने को मिलेगा।

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साल की जगह अब महीने में हुए मौसम तीन

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मौसम के दृष्टिकोण से यह मौसम अनोखा रहने वाला है। इस एक ही महीने में बारिश, सर्दी और फिर तेज गर्मी देखने को मिलेगी। होली पर तो पारा चालीस डिग्री से भी ज्यादा जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। अगले सप्ताह के अंत में एक बार फिर से मौसम बिगड़ने का अंदाजा लगाया जा रहा है।

राजस्थान में कोरोड़ों रुपए पर फिरा पानी

उधर बेमौसम बारिश से राजस्थान के भरतपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, धौलपुर, करौली समेत दस से ज्यादा जिलों में गेहूं और सरसों की फसल को भारी नुकसान हो रहा है। ओले और बारिश से करीब करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। इन दिनों प्रदेश के कई जिलों में सरसों काटी जा रही है और गेहूं की फसल का अंतिम समय चल रहा है। ऐसे में तैयार फसलें बर्बाद होने पर किसानों ने भजन लाल सरकार से मुआवजे की मांग की है। सरकार ने बिजली गिरने से हुई मौतों पर पांच पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।