बेंगलुरु के इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के बाद उनकी मां ने पोते की कस्टडी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब उनके बेटे की कस्टडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। 

अपनी पत्नी और उसके परिवार पर कथित उत्पीड़न का आरोप लगाकर आत्महत्या करने वाले बेंगलुरू के इंजीनियर अतुल सुभाष के बेटे को लेकर आज सुनवाई करेगा। अतुल सुभाष की मां अंजू देवी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अपने चार वर्षीय पोते की कस्टडी की मांग की है। अतुल सुभाष ने पिछले साल अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली थी। 

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नाबालिग को छिपाने का आरोप

इससे पहले, 7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने अंजू देवी को पोते की कस्टडी देने से इनकार कर दिया था। शीर्ष अदालत ने कहा था, 'यह कहते हुए खेद हो रहा है, लेकिन बच्चा याचिकाकर्ता के लिए अजनबी है। यदि आप चाहें तो बच्चे से मिलें। यदि आप बच्चे की कस्टडी चाहते हैं तो इसके लिए अलग प्रक्रिया है।' पिछली सुनवाई में अतुल सुभाष की पत्नी निकिता ने बताया था कि उनका बेटा हरियाणा के के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ रहा है। वहीं सुभाष की मां ने बहू पर नाबालिग को छुपाने के आरोप भी लगाए थे।

9 दिसंबर को किया था आत्महत्या 

बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर काम कर रहे 34 वर्षीय सुभाष ने 9 दिसंबर, 2024 को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी किया था और 24 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा था।

अतुल ने अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। सुभाष की मौत के बाद उनके भाई की शिकायत पर पुलिस ने निकिता सिंघानिया, उनकी मां निशा सिंघानिया और भाई अनुराग सिंघानिया के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन 4 जनवरी को उन्हें जमानत मिल गई थी।

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