ayodhya ram mandir darshan: अयोध्या राम मंदिर5 June 2025 से भक्तों के लिए खुल जाएगा। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा जनवरी में हो चुकी है और अब अंतिम तैयारियां चल रही हैं। छह अन्य मंदिर भी इसी दिन खुलेंगे।

Ayodhya Ram Mandir: "सिर्फ एक तारीख नहीं, यह वह दिन होगा जब करोड़ों आस्थाओं का सपना साकार होगा।" श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के निर्माण समिति अध्यक्ष नृपेन्द्र मिश्रा ने मंगलवार को जानकारी दी कि अयोध्या में बन रहा भव्य राम मंदिर दरबार 5 जून 2025 से पूरी तरह भक्तों के लिए खुल जाएगा। अब सिर्फ अंतिम तैयारियां बाकी हैं, और भक्त 1-2 दिन बाद सभी मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे।

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राम मंदिर निर्माण 99% पूरा, 5 जून को होंगे विशेष पूजन

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा इस साल 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई थी। अब मंदिर का शिखर, गर्भगृह और ध्वजदंड पूरी तरह तैयार हो चुका है। नृपेन्द्र मिश्रा ने कहा, "आज मंदिर के शिखर पर ध्वजदंड स्थापित किया गया है, जो यह दर्शाता है कि अब शिखर निर्माण पूर्ण हो गया है।"

23 मई को राम दरबार की मूर्तियां आएंगी अयोध्या

अध्यक्ष ने जानकारी दी कि 23 मई को राम दरबार, राम, सीता और हनुमान जी की मूर्तियां अयोध्या पहुंचेंगी, और उन्हें मंदिर की पहली मंज़िल पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद 5 जून को इनकी पूजा और अन्य 6 मंदिरों की विधिवत स्थापना की जाएगी।

5 जून के बाद खुलेंगे ये 6 महत्वपूर्ण मंदिर भी

5 जून को ही मंदिर परिसर में बने इन छह मंदिरों को भी आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा:

  1. महर्षि वाल्मीकि मंदिर
  2. श्री वशिष्ठ जी मंदिर
  3. अहिल्या जी मंदिर
  4. निषादराज महाराज मंदिर
  5. शबरी माता मंदिर
  6. अगस्त्य मुनि मंदिर

1,000 साल टिकेगा मंदिर! इंजीनियरिंग बनी सबसे बड़ी चुनौती

नृपेन्द्र मिश्रा ने बताया कि इस मंदिर को 1,000 साल तक बिना किसी क्षति के टिकने के हिसाब से बनाया गया है। इसके लिए डिज़ाइन और इंजीनियरिंग में खास विशेषज्ञों की मदद ली गई। उन्होंने कहा, "हर दिन एक नई चुनौती आती थी, लेकिन हमारी टीमवर्क ने हर बार समाधान निकाला।"

प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका रही सबसे अहम

मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कभी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पहले भी संकेत दे दिया था कि वे अयोध्या तभी जाएंगे जब मंदिर निर्माण शुरू होगा। उन्होंने 15-20 वर्षों तक आसपास के इलाकों में राजनीतिक कार्यक्रम किए लेकिन अयोध्या नहीं गए।

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