प्रयागराज कुंभ में लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ चुनिंदा चेहरे ही दिख रहे हैं। धर्मगुरुओं को चिंता है कि कुंभ का असली मकसद कहीं रील्स में न खो जाए।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में देश और दुनिया के करोड़ों लोग आ रहे हैं। लाखों साधु और संन्यासी भी साधना कर रहे है। हज़ारों लोग कल्पवास में बैठे हैं और तपस्या में लीन हैं। लेकिन अगर आप सोशल मीडिया देख रहे हैं तो आपको महाकुंभ से चुनिंदा चेहरे ही नजर आ रहे होंगे। एक हैं IIT बाबा उपदेश देने को लेकर चर्चा में है, दूसरी है मॉडल हर्षा रिछारिया जिन्होंने साध्वी होने का दावा किया और अब कुंभ से वापस लौट गई है। और तीसरा चेहरा है इंदौर की बंजारन लड़की मोनालिसा का। कोई उसकी आंखों पर फिदा है तो कोई खूबसूरती पर।

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मकसद से भटक रहा कुंभ

कुंभ के ये किरदार सोशल मीडिया की रील में खूब दिख रहे हैं। ये चर्चा में भी है। लेकिन अब धर्म गुरुओं को लग रहा है कि ऐसे किरदारों के वायरल होने से सनातन धर्म की मूल भावना की चर्चा नहीं हो पा रही है। चर्चित धर्मगुरु धीरेन्द्र शास्त्री ने ऐसी रील पर सवाल करते हुए कहा है कि कुंभ अपने रीयल मकसद से भटक कर रील पर आ गया है।

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धीरेंद्र शास्त्री भी पहुंचेंगे कुंभ

धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा महाकुंभ आस्था का कुंभ है। यह संस्कृति का कुंभ है और हमारे कल्चर को आगे बढ़ाने का काम है। ये किसी को वायरल करने का नहीं है। महाकुंभ अपने मुख्य मकसद से भटक रहा है। धीरेंद्र शास्त्री भी कुंभ पहुंच रहे हैं । उनका कहना है कि कुंभ मैं हिंदू धर्म और सनातन धर्म को बढ़ावा देंगे और कोशिश करेंगे कि जो मुसलमान और ईसाई सनातन धर्म से हट गए हैं वो अपने सच्चे धर्म की तरफ वापसी कर सके।