Unique Love Story: बदायूं में दो महिलाओं ने पतियों से धोखा मिलने के बाद एक-दूसरे से शादी कर ली। कचहरी में मुलाकात के बाद दोनों ने मंदिर में सात फेरे लिए और नई जिंदगी शुरू की।

Badaun Lesbian Marriage: जब प्यार धोखे में बदल जाए, तो अक्सर इंसान बिखर जाता है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बदायूं की दो साहसी महिलाओं ने इस टूटेपन को नया मोड़ दिया। समाज के नियमों को दरकिनार करते हुए, दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थामा और शिव मंदिर में सात फेरे लेकर अपने रिश्ते को वैधता दी। यह कहानी सिर्फ प्यार की नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और नए जीवन की शुरुआत की है।

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उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक चौंकाने वाली लेकिन भावनात्मक रूप से प्रेरक घटना सामने आई है। दो युवतियों ने, जिन्हें अपने-अपने पतियों से धोखा मिला था, एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया और मंदिर में विवाह कर लिया। यह विवाह न केवल चर्चाओं में है, बल्कि सामाजिक सोच को चुनौती देने वाला भी बन गया है।

एक युवती अलापुर थाना क्षेत्र की है, जबकि दूसरी सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र की निवासी है। दोनों की मुलाकात तीन महीने पहले कचहरी परिसर में एक वकील के चेंबर में हुई थी। यह मुलाकात जल्द ही दोस्ती में बदली और फिर रिश्ता शादी तक पहुंच गया।

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दोनों का अतीत और नया रिश्ता

दोनों ही महिलाएं पहले से विवाहित थीं, लेकिन पतियों की बेवफाई और घरेलू तनाव के कारण उनका वैवाहिक जीवन टूट चुका था। इस धोखे और मानसिक पीड़ा ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने एक-दूसरे में सच्चा सहारा देखा। अब सोनू (काल्पनिक नाम) पति बनीं और रीता (काल्पनिक नाम) पत्नी। सोनू पहले दिल्ली में बेबी केयर का काम करती थीं और रीता देहरादून में एक सिक्योरिटी कंपनी में नौकरी कर चुकी हैं।

परिवार से मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

दोनों ने अपने इस फैसले से परिवार को अवगत कराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर परिवार साथ देता है तो ठीक, नहीं तो वे दिल्ली जाकर मेहनत-मजदूरी करके जिंदगी बिताएंगी। उनका उद्देश्य अब एक-दूसरे का साथ निभाना है चाहे परिस्थितियाँ जैसी भी हों।

कचहरी में चर्चा और कानूनी प्रक्रिया

इस विवाह की खबर कचहरी परिसर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे दो टूटी आत्माओं का साहसी कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसके सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर भी बहस कर रहे हैं। एडवोकेट दिवाकर वर्मा ने जानकारी दी कि दोनों युवतियां उनकी चेंबर में आईं और अपनी मर्जी से शादी की इच्छा जताई। इस पर एक सहमति-पत्र तैयार कराया गया, जिस पर दोनों ने दस्तखत किए और फिर शिव मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह सम्पन्न किया गया।

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