उत्तर प्रदेश के बहराइच में भेड़िए का आतंक बढ़ता जा रहा है। चौबीस घंटे में दो मासूम बच्चों को भेड़िए ने अपना शिकार बनाया। एक बच्ची को मां के पास से घसीटा, जबकि दूसरा बच्चा खेलते समय उठा ले जाया गया। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

रात की खामोशी में अचानक उठी हलचल, खेतों की सरसराहट और अंधेरे में किसी अनदेखी परछाई का साया। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में बीते चौबीस घंटे मानो किसी भयावह सिनेमा की कहानी बन गए हों, जहां एक भेड़िए ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। इंसानी बस्तियों तक पहुंच चुके इस वन्य जीव ने दो मासूम जिंदगियों को देखकर भी दया नहीं की। जो घटनाएं सामने आईं, उन्होंने जिले में दहशत के साथ-साथ कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

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बहराइच में भेड़िए की दहशत, दो बच्चों की मौत

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में भेड़िए का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। महज चौबीस घंटे के भीतर भेड़िए ने दो मासूम बच्चों को अपना शिकार बना लिया। गांव के लोग अभी पहली घटना के सदमे से उबरे भी नहीं थे कि दूसरी दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल और गहरा कर दिया।

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रात में मां के पास से बच्ची को घसीट ले गया भेड़िया

खोरिया शफीक गांव में रमा देवी अपनी दस माह की बेटी सुनीता के साथ सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे उनकी नींद खुली, तो उन्होंने पाया कि उनकी बच्ची गायब है। शोर मचाने पर ग्रामीण इकट्ठा हुए और तुरंत तलाश शुरू की गई। गांव वालों की कई घंटे की खोज के बाद बच्ची का शव गन्ने के खेत से बरामद हुआ। भेड़िया बच्ची को लगभग 500 मीटर दूर ले गया था। जब ग्रामीण पहुंचे, तब तक वन्य जीव बच्ची के एक हाथ और एक पैर खा चुका था और उसके चेहरे पर गहरे जख्म थे।

फॉरेस्ट विभाग ने बताया क्या हुआ था उस रात

फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर विनोद कुमार नायक के अनुसार, रमा देवी अपनी बेटी के साथ एक झोपड़ी में घर के बाहर सो रही थीं। आधी रात को जब उनकी नींद खुली, तो बच्ची दिखाई नहीं दी। ग्रामीणों ने तुरंत लड़की को ढूंढना शुरू किया और कुछ घंटे बाद उसका क्षत-विक्षत शव खेत से मिला।

कुछ घंटे पहले भी पांच साल के बच्चे पर हमला

इस घटना के कुछ घंटे पहले कैसरगंज क्षेत्र के गोड़हिया नंबर तीन के मल्लाहन पुरवा गांव में भी एक पांच वर्षीय बच्चे रोशन को भेड़िए उठा ले गए थे। बच्चा घर के सामने खेल रहा था, तभी दो भेड़िए उस पर झपट पड़े और उसे गन्ने के खेत की ओर ले गए। परिजनों और ग्रामीणों ने हांका लगाकर खेत को घेरा, जिसके बाद भेड़िए बच्चे को छोड़कर फरार हो गए। रोशन के दोनों हाथ भेड़िए खा चुके थे। गंभीर हालत में बच्चे को बहराइच मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

गांव में दहशत, प्रशासन सतर्क

दोनों घटनाओं के बाद बहराइच और आसपास के गांवों में भय की स्थिति है। ग्रामीणों ने सुरक्षा की मांग की है, वहीं फॉरेस्ट विभाग ने गश्त बढ़ाने और भेड़िए की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को रात में अकेले बाहर न रहने और बच्चों पर विशेष निगरानी रखने की सलाह दी है।

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