चित्रकूट जेल में अब्बास और निखत की मुलाकात का राज खुलने के बाद मामले की जांच जारी है। इस बीच पुलिस की पड़ताल में पता लगा कि माफिया की जेल के पास ही गुर्गे बसकर मददगार बनते हैं।

बांदा: माफिया मुख्तार का कई जिलों में तंत्र फैला हुआ है। उसके गुर्गे और मददगार सभी से नजर बचाकर रहते हैं। चित्रकूट जेल में जब अब्बास अंसारी और निखत की नियम विरुद्ध जेल में मुलाकात का मामला सामने आया तो पुलिस अधिकारी गंभीर हो गए। जांच के दौरान ठेकेदार का नाम उजागर हुआ। पुलिस इस मामले में उसकी पत्नी और बेटे को भी हिरासत में ले चुकी है।

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जेल का पता बदलते ही मदद की तैयारियों में जुट जाते हैं गुर्गे

ठेकेदार के अन्य संबंधियों और दोस्तों के घरों पर पुलिस छापेमारी कर रही है। एलआइयू से लेकर ऑपरेशन ग्रुप एसओजी तक जांच में जुटी हुई है। पूर्वांचल के माफिया मुख्तार अंसारी को 6 अप्रैल 2021 को पंजाब की रुपनगर जेल से बांदा स्थानांतरित किया गया था। यहां मंडल कारागार में उसे दो वर्ष पूरे हो चुके हैं। माफिया के बारे में कहा जाता है कि वह जहां जेल में रहता है वहां आसपास के क्षेत्र में उसके गुर्गे पहुंच जाते हैं। उनका प्रयास रहता है कि कैसे मदद पहुंचाई जाए।

छापेमारी में नहीं मिला ठेकेदार, पत्नी और बेटे को हिरासत में लिया गया

आपको बता दें कि पंजाब से भी इस तरह के आरोपों के सामने आने के बाद उसे बांदा जेल भेजा गया था। चित्रकूट जेल में अब्बास को मदद पहुंचाने का मामला सामने आने के बाद सभी की निगाह अब उसके मददगारों पर लगी हुई हैं। इस बीच शहर और आसपास के इलाकों में भी छानबीन की जा रही है। एसटीएफ भी इन दिनों चित्रकूट और बांदा में पुलिस की सहायता से माफिया के मददगारों की तलाश में लगी हुई है। इस बीच रविवार को मुहल्ला अलीगंज बांदा में फोर्स ने सेठ जी के बाड़े के पास ठेकेदार रफीकुशमद उर्फ पुद्दन के मकान में छापेमारी की। यहां ठेकेदार न मिलने पर उसकी पत्नी और पुत्र जुनैद को हिरासत में लिया गया। वहीं सूत्र बताते हैं कि माफिया के मददगारों ने पहले मर्दननाका, खांईपार और अलीगंज क्षेत्र में ही डेरा जमाए हुए थे।

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