Bangladesh  Hindu Case : बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। वहां भारतीय लोगों को जिंदा जलाने एवं लगातार प्रताड़ित करने के कारण पूरे देश में गुस्सा है। अब काशी के संतों ने आक्रोश जताया है।

वाराणसी : बांग्लादेश में हिंदुओं को जिंदा जलाने एवं लगातार प्रताड़ित करने का मामला सामने आने पर लोगों में काफी आक्रोश देखा गया है। अब इसको लेकर काशी के संतों ने भी आवाज उठाई है। जगतगुरु स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने मांग की है कि बांग्लादेश के दो टुकड़े किए जाएं। भारत सरकार से 200000 सैनिकों की भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जिस तरह से हिंदुओं के साथ जघन्य अपराध किए जा रहे है उस पर पर रोक लगनी चाहिए।

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वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में हिंदू सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे सुमेरु पीठ के पीठाधीश्वर नरेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि समय आ गया है बांग्लादेश के दो भाग किये जाए। एक भाग हिंदुओं के लिए तो दूसरे भाग मुसलमान के लिए किया जाए। जब तक नहीं बनेगा तब तक हिंदू सुरक्षित नहीं रहेगा । हिंदुओं के अत्याचार के विषय में उन्होंने कहा कि भारत के विदेश मंत्रालय को इस पर गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए और सरकार को वहां के हिन्दुओ की रक्षा के लिए पहल करनी चाहिए । उन्होंने आगे कहा कि बांग्लादेश में एक करोड 10 लाख हिन्दू है। उनमें से कम से कम 1 लाख लोगों को हथियार उठाना चाहिए। हिन्दुओं को भी आत्मरक्षा के लिए अब हथियार उठाने की जरूरत है।

स्वामी नरेंद्र आनंद सरस्वती ने मानवाधिकार पर तंज करते हुए कहा कि इस पूरे मामले को लेकर विश्व का मानवाधिकार इस समय मौन है, जब हमारी आर्मी देश द्रोहियों को मारने लगती है तब चिल्लाने लगता है। मानवी संवेदनाओं का खुलेआम उल्लंघन जिंदा आदमी को पेड़ में बांधकर जालना यह जघन्य अपराध किया जा रहा है।

नरेंद्रानंद सरस्वती ने आगे कहा कि जिस जगह हिंदू संगठित नही थे वहीं अलग देश बना। इसलिए हिन्दुओ को संगठित होकर एकजुट होकर इसका सामना करना चाहिए। बांग्लादेश के शासक को पद से तत्काल हटाने का काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसका असर पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।

बाइट :- जगदगुरु शंकराचार्य नरेन्द्रानंद सरस्वती जी महराज, पीठाधीश्वर,सुमेरु पीठ