यूपी के झांसी में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां एर्नाकुलम-निजामुद्दीन एक्सप्रेस दो भागों में बंट गई। इस बीच यात्रियों में खासा नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना था कि रेलवे सुरक्षा को लेकर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है।

झांसी: भोपाल से झांसी रेलमार्ग पर एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहां एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दीन मंगला एक्सप्रेस (12617) दो भागों में बंट गई। ट्रेन भोपाल से वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी आ रही थी और इसी बीच हादसा बसई स्टेशन के पास में हुआ। स्टेशन पहुंचने से पहले ही ट्रेन दो भागों में बंट गई। हालांकि इस घटना से किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

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पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा

झांसी रेलमार्ग पर 10 दिन पहले भी एक हादसा सामने आया था। 18 जनवरी को नई दिल्ली से झांसी की ओर आ रही आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस दो हिस्सों में बंटट गई थी। ट्रेन के दो हिस्सों में बंटने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। इस बीच ट्रेन के टिकट चेकर और दूसरे स्टाफ ने किसी तरह से ट्रेन को जोड़ा। इसके बाद आगे चलते ट्रेन फिर से दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना के बाद यात्रियों में सुरक्षा को लेकर भी काफी सवाल खड़े किए गए थे।

यात्रियों ने रेलवे पर लगाया लापरवाही का आरोप

भोपाल-झांसी रेलमार्ग पर हुए हादसे के बाद यात्रियों ने डर के साथ नाराजगी भी देखने को मिल रही है। 12617 एर्नाकुलम-हजरत निजामुद्दीन मंगला एक्सप्रेस में सफर कर रहे लोगों का कहना था कि रेलवे के द्वारा किराए में तो समय-समय पर वृद्धि की जाती है लेकिन यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा का कोई भी ध्यान नहीं रखा जाता है। इसी के चलते ही समय-समय पर ऐसे हादसे होते रहते हैं। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का दो भागों में बंट जाना एक बड़ी घटना है। यदि ट्रेन रफ्तार में होती तो बड़ी दुर्घटना भी सामने आ सकती थी। हालांकि जिम्मेदार इस ओऱ कोई भी ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। वहीं इस मामले में रेलवे के अधिकारी अभी कुछ भी कहने के तैयार नहीं हैं। अधिकारियों का सिर्फ यही कहना है कि मामले की जांच करवाई जा रही है।

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