Hapur Tragedy: मस्ती से भरे दिन का ऐसा होगा अंत, किसी ने सोचा भी न था! रेशमा की खुशियां लौटते वक्त छिन गईं… पति, बेटियों और बच्चों को एक झटके में निगल गया गलत साइड से आया मौत का कैंटर! अब सिर्फ यादें बचीं हैं…

मौत की रफ्तार ने रेशमा से सब कुछ छीन लिया: पति, बेटियां, भतीजा… अब बस रह गई तन्हाई और तड़प हापुड़ के हाफिजपुर में गलत दिशा से आए कैंटर ने पल भर में उजाड़ दी एक पूरी दुनिया… रेशमा के आंसुओं की कहानी हर दिल को झकझोर देगी।

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एक हँसते-खेलते परिवार की वो आखिरी शाम...

बुधवार की दोपहर रेशमा के लिए खास थी। पति दानिश ने बच्चों और पड़ोसियों के साथ गांव मुर्शदपुर के एक स्वीमिंग पूल में आउटिंग का प्लान बनाया था। मस्ती, ठहाके, बच्चों की खिलखिलाहट, पानी में नाचते गाते पलों को रेशमा ने मोबाइल में कैद भी किया। पति-पत्नी का डांस करते एक वीडियो अब वायरल हो चुका है… लेकिन कौन जानता था कि ये उसकी खुशियों का आखिरी वीडियो होगा।

रात 10:30 बजे…जब जिंदगी थम गई

बुलंदशहर रोड पर लौटते वक्त, एनएच 334 पर जैसे ही उनकी बाइक मिनी लैंड स्कूल के सामने पहुंची, गलत दिशा से आ रहे कैंटर ने तेज़ रफ्तार में टक्कर मार दी। दानिश (35), उसकी मासूम बेटियां मायरा (8) और सुमायरा (6), भतीजा समर (8), और पड़ोसी वकील का बेटा माहिम (12)… पांचों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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रेशमा… जो पति की दूसरी पत्नी बनी, अब दूसरी बार ही विधवा हो गई 

रेशमा की कहानी बेहद दर्दनाक है। उसका पहला निकाह दिल्ली के रानीमाली नगर निवासी जावेद से हुआ था, लेकिन रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला। फिर 2015 में मोहल्ले के सामने रहने वाले दानिश से निकाह हुआ। दोनों ने नई शुरुआत की। दानिश की भी यह दूसरी शादी थी, उसकी पहली पत्नी उसे छोड़कर जा चुकी थी। रेशमा को दानिश से दो बेटियां हुईं। दोनों बच्चियों को रेशमा ने अपने ख्वाबों की आंखों से देखा था… लेकिन अब ना ख्वाब हैं, ना देखने वाली आंखें बची हैं।

माहिम– मन्नतों का चिराग जो बुझ गया 

माहिम तीन बहनों के बाद माता-पिता की मन्नतों से जन्मा बेटा था। उसकी मां शगुफ्ता और पिता वकील उर्फ गुल्लू के लिए वो सब कुछ था। लेकिन किस्मत इतनी बेरहम निकली, कि वह भी इस हादसे में चला गया। शगुफ्ता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा, "एक बार भी नहीं सोचा था कि मेरा लाल लौटेगा ही नहीं…"

समर का सपना रह गया अधूरा 

दानिश के भाई सरताज का बेटा समर भी इस हादसे में चला गया। उसका जन्मदिन इसी महीने था, और मां शाहीन उसे खास तरीके से मनाना चाहती थीं। लेकिन अब घर में मिठाइयों की जगह मातम पसरा है। सरताज कहते हैं, "अब याद भी नहीं कि उसका जन्मदिन कब था… दिल ही टूट गया…"

गलत दिशा में भागती मौत – लापरवाह ड्राइवर बना काल 

पुलिस की मानें तो कैंटर चालक टोल टैक्स बचाने के चक्कर में हाईवे की गलत दिशा में वाहन घुसा दिया। ब्रजनाथपुर नहर के रास्ते वह धौलाना-मसूरी मार्ग से निकलने की कोशिश में था, लेकिन उससे पहले ही यह भीषण हादसा हो गया। एसपी ज्ञानंजय सिंह के मुताबिक, कैंटर चालक फरार है, लेकिन उसकी पहचान कर ली गई है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।

अब रेशमा अकेली है… और पूरी तरह टूट चुकी है

रेशमा की दुनिया उजड़ चुकी है। उसके सामने अब न पति है, न बेटियां, न भतीजा और न वो मस्ती से भरे रिश्ते। मोहल्ले में सन्नाटा पसरा है। जहां कभी चहल-पहल थी, वहां अब सिर्फ आंसुओं और तन्हाई की गूंज है।

हादसे से बड़ा कोई दुःख नहीं, लेकिन लापरवाही और बेरुखी उससे भी बड़ी त्रासदी

हापुड़ का ये हादसा सिर्फ एक परिवार का अंत नहीं, बल्कि हमारी सड़कों पर दौड़ती गैरजिम्मेदारी का जिंदा उदाहरण है। यह ज़रूरी है कि ऐसे हादसों से सबक लिया जाए, ताकि कोई और रेशमा फिर इस तरह ना टूटे… ना अकेली रह जाए।