इलाहाबाद हाईकोर्ट से मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में हिंदू पक्ष को बड़ी राहत मिली है। हिंदू पक्ष की याचिकाओं को पोषणीय माना गया है।

इलाहाबाद न्यूज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में बड़ा फैसला सुनाया है। हिंदू पक्ष की बड़ी जीत हुई है। चुनौती देने वाली शाही ईदगाह मस्जिद की याचिका खारिज कर दी है। इसके साथ ही जज मयंक कुमार जैन की पीठ ने सभी 18 वादों को स्वीकार कर लिया। हाई कोर्ट ने ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज की। इस दौरान फैसले में कहा-" हिंदू पक्ष के सभी मुकदमे सुनने लायक हैं।"

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बता दें कि यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शाही ईदगाह मस्जिद कमेटी ने प्लेसेस ऑफ़ वरशिप एक्ट, लिमिटेशन एक्ट, वक्फ एक्ट और स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट के तहत हिंदू पक्ष की 18 याचिकाओं को खारिज किए जाने की पेशकश की थी। हालांकि, अब जब फैसला हिंदू पक्ष में सुनाया गया है तो याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी रहेगी। इस संबंध में अगली सुनवाई 12 अगस्त को की जाएगी। हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल 18 याचिकाओं में से 15 पर इलाहाबाद हाईकोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है, जबकि तीन को अलग कर दिया गया है। मुस्लिम पक्ष ने इन याचिकाओं की पोषणीयता को चुनौती दी थी।

1968 में हिंदू और मुस्लिम पक्ष में समझौता

बता दें कि 1968 में श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और शाही मस्जिद ईदगाह ट्रस्ट के बीच एक समझौता हुआ, जिसके तहत 10.9 एकड़ जमीन कृष्ण जन्मभूमि के लिए और बाकी 2.5 एकड़ जमीन मस्जिद के लिए दी गई। वहीं मुस्लिम पक्ष ने पहले 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का हवाला देते हुए हिंदू पक्ष के द्वारा दी गई याचिकाओं को खारिज करने की मांग की थी।

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