लखनऊ में एक टैक्सी चालक की हत्या की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक वकील ने अपनी प्रेमिका के पति और पिता को मारने के लिए सुपारी दी थी, लेकिन गैंग ने गलत व्यक्ति की हत्या कर दी।

किस्मत खराब हो तो मौत कैसे भी आ सकती है, इसकी एक बानगी है ये मामला। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में दिसंबर 30 को टैक्सी ड्राइवर मोहम्मद रिजवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मौत की जांच में पता चला कि एक वकील ने अपनी गर्लफ्रेंड के पति और उसके पिता को मारने के लिए एक गैंग को सुपारी दी थी। लेकिन, इस गैंग के सदस्यों ने मोहम्मद रिजवान को ही सुपारी देने वाले की गर्लफ्रेंड का पति समझकर मार डाला। जबकि, वह शख्स वो नहीं था। इस मामले में आफताब अहमद नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। वकील होने के नाते इसने अपनी गर्लफ्रेंड के परिवार वालों को मरवाने की सुपारी दी थी। मगर, गैंग के मेंबर रिजवान को मार बैठे।

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हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और वारदात में इस्तेमाल हथियार, बाइक और आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। "आफताब अहमद मुख्य आरोपी है। वह जिस महिला से संबंध रखता था, उसके पति और पिता को मारना चाहता था। आरोपी 30 दिसंबर को मदेहगंज पहुंचा और हत्या को अंजाम दिया। हालांकि, उसने जिस शख्स की हत्या की, वह कोई और था। वारदात में इस्तेमाल हथियार, बाइक और आरोपियों के फोन जब्त कर लिए गए हैं।" डीसीपी (मध्य) रवीना त्यागी ने कहा।

मामले की जांच से पता चला है कि आफताब ने हत्याओं को अंजाम देने के लिए हत्यारों में से एक यासिर से संपर्क किया था और अपने साथी कृष्णकांत को भी इस योजना में शामिल किया था। अपराध के बाद, आफताब और दोनों के बीच झगड़ा हुआ क्योंकि वे गलत व्यक्ति को मारकर काम पूरा करने में नाकाम रहे थे।

आफताब ने अपराध को अंजाम देने के लिए 2 लाख रुपये एडवांस में दिए थे, बाद में बकाया राशि देने से इनकार कर दिया, जिससे उसके और हत्यारों के बीच विवाद हो गया। पुलिस ने एक अवैध हथियार, 14 जिंदा कारतूस, अपराध में इस्तेमाल की गई बाइक और तीनों आरोपियों के तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। डीसीपी त्यागी ने कहा कि तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।