Lucknow property rates 2025: लखनऊ में 10 साल बाद नया सर्किल रेट जारी, गोमतीनगर और शहीद पथ जैसे इलाकों में ज़मीन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर। 1 अगस्त से लागू होंगे नए रेट।

Lucknow circle rate 2025: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब जमीन खरीदना पहले से कहीं ज्यादा महंगा हो गया है। 10 साल बाद ज़िला प्रशासन ने नया सर्किल रेट जारी किया है, जो 1 अगस्त 2025 से लागू होगा। खास बात यह है कि गोमतीनगर, शहीद पथ और अयोध्या रोड जैसे इलाकों में जमीन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। नया रेट सामने आने के बाद रियल एस्टेट बाजार में हलचल तेज हो गई है।

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गोमतीनगर और विभूतिखंड बना सबसे महंगा क्षेत्र

लखनऊ में गोमतीनगर के विराजखंड और विभूतिखंड की सड़कों के दोनों ओर की जमीन का सर्किल रेट अब ₹70,000 प्रति वर्ग मीटर हो गया है। यह राजधानी का सबसे महंगा रेट है। इसमें वन अवध मॉल, मंत्री आवास, हयात होटल और लोहिया पथ जैसे पॉश क्षेत्र शामिल हैं।

अयोध्या रोड और शहीद पथ भी पीछे नहीं

दूसरे प्रमुख इलाकों की बात करें तो अयोध्या रोड पर लेखराज पुलिस चौकी से रिंग रोड तक के इलाके का नया रेट ₹49,500 प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। वहीं, शहीद पथ स्थित लूलू मॉल और मेदांता हॉस्पिटल जैसे इलाकों का रेट ₹50,000 से ₹52,000 प्रति वर्ग मीटर के बीच रखा गया है।

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जानिए लखनऊ के प्रमुख क्षेत्रों में नए सर्किल रेट

इलाकासर्किल रेट (₹/वर्ग मीटर)
गोमतीनगर (विराजखंड, विभूतिखंड)₹70,000
शहीद पथ (लूलू मॉल, सुशांत गोल्फ सिटी)₹50,000 – ₹52,000
अयोध्या रोड (लेखराज से रिंग रोड)₹49,500
महानगर गोल मार्केट – निशातगंज₹53,000
अलीगंज योजना सेक्टर एल₹54,000
किसान पथ (नगर निगम सीमा में)₹20,000
किसान पथ (बाहर)₹15,000
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे₹6,000 – ₹10,000
रायबरेली रोड₹18,000 – ₹40,000
कानपुर रोड  ₹15,000
नीलमथा – वृंदावन योजना ₹40,000

क्यों बढ़ाया गया सर्किल रेट?

अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ के कई इलाकों में प्रॉपर्टी की बाजार कीमतें तेज़ी से बढ़ीं, लेकिन सर्किल रेट वही पुराने स्तर पर रुके हुए थे। इससे रजिस्ट्री शुल्क में सरकार को नुकसान हो रहा था और खरीदारों को भी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा था। नया सर्किल रेट इसी असंतुलन को दूर करने के लिए लागू किया गया है।

पारदर्शिता और संतुलन की उम्मीद

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से प्रॉपर्टी मार्केट में पारदर्शिता बढ़ेगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया में संतुलन आएगा। खासकर उन खरीदारों के लिए राहत की बात है जो जमीन की वास्तविक कीमत और सरकारी दस्तावेजों में भारी अंतर के चलते भ्रमित रहते थे।

खरीदने वालों को पहले से करनी होगी तैयारी

1 अगस्त से नए रेट लागू होने के बाद प्रॉपर्टी खरीदने वालों को ज्यादा रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा। इसलिए जो लोग रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका हो सकता है पुराने रेट पर सौदा फाइनल करने का।

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