प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर भगदड़ के चलते अखाड़ा परिषद ने स्नान न करने का फैसला लिया। भीड़ की स्थिति को देखते हुए अखाड़ों ने अपने रथ वापस लौटा लिए, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता फैल गई।

प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम संगम की ओर बढ़ रहा था, लेकिन भगदड़ की घटना ने स्थिति को गंभीर बना दिया। इस हादसे के बाद अखाड़ा परिषद ने महाकुंभ के इस खास दिन पर अमृत स्नान न करने का ऐलान किया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र गिरी ने निरंजन छावनी से यह घोषणा की और बताया कि इस भारी भीड़ और भगदड़ के कारण अखाड़े का यहां जाना स्थिति को और भी बिगाड़ सकता था।

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महानिर्वाणी और जूना अखाड़े ने भी इस निर्णय का पालन किया और अपने रथों को बीच रास्ते से वापस छावनी की ओर लौटा लिया। अंजलि अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशनंद गिरि भी स्थिति का जायजा लेने के बाद छावनी पहुंचे। इसके बाद सभी संतों और महामंडलेश्वर के रथ वापस लौट गए और इस घटना ने श्रद्धालुओं और अखाड़े के अनुयायियों के बीच चिंता का माहौल बना दिया।

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